एचडीएफसी ग्रुप देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह बना

एचडीएफसी ग्रुप बाज़ार पूंजीकरण के लिहाज़ से टाटा समूह को पछाड़कर 26 दिसंबर 2018 को देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया.

समूह की पांच सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 10.40 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है और इसने इस मामले में टाटा समूह को पीछे छोड़ दिया.

 

मुख्य तथ्य:

•    27 दिसंबर 2018 को एचडीएफसी ग्रुप की पांचों कंपनियों का कुल एमकैप बीएसई पर 10,40,689.89 करोड़ रुपये था. वहीं टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल एमकैप बीएसई पर 10,38,290.08 करोड़ रुपये था.

•    टीसीएस को छोड़ टाटा समूह की कंपनियों का वैल्यूएशन वर्ष 2018 में 25% घट गया है. इस दौरान टाटा मोटर्स के मार्केट कैप में 60.4% कमी आई. टाटा समूह के कुल मार्केट कैप में दो तिहाई हिस्सेदारी टीसीएस की है.

•    10 जुलाई 2018 को एचडीएफसी ग्रुप की पांचों सूचीबद्ध कंपनियों का कुल एमकैप 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था. एचडीएफसी ग्रुप की कंपनियों में एचडीएफसी बैंक 5,72,754.19 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी संगठन है. पहले स्थान पर टीसीएस (7,16,499.10 करोड़ रुपये) और दूसरे स्थान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (7,09,918.93 करोड़ रुपये) है.

•    जनवरी 2018 से अब तक एचडीएफसी ग्रुप के मार्केट कैप में 21.8% का इजाफा हुआ जबकि, टाटा समूह के वैल्युएशन में सिर्फ 7.9% की बढ़ोतरी हुई.

 

एचडीएफसी ग्रुप में शामिल कंपनियां:

एचडीएफसी ग्रुप में इस समय चार सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं, जिसमें हाउसिंग फाइनेंस सेक्‍टर की प्रमुख कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड, बैंकिंग क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एचडीएफसी बैंक, जीवन बीमा क्षेत्र की एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ और ग्रह फाइनेंस इस समूह हैं. वहीं दूसरी तरफ टाटा समूह की करीब 30 कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं.

 

टाटा समूह के बारे में:

टाटा समूह एक निजी व्यवसायिक समूह है जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है. टाटा परिवार का एक सदस्य ही हमेशा टाटा समूह का अध्यक्ष रहा है. इसका कार्यक्षेत्र अनेक व्यवसायों व व्यवसाय से सम्बंधित सेवाओं के क्षेत्र में फैला हुआ है. टाटा समूह का उद्देश्य समझदारी, जिम्मेदारी, एकता और बेहतरीन काम से समाज में जीवन के स्तर को उंचा उठाना है.

टाटा समूह के नाम से जाने जाने वाले इस परिवार का हर सदस्य इन मूल्यों का अनुसरण करता है. भारत के शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में टाटा का योगदान अति महत्वपूर्ण है. टाटा का नीले रंग का चिन्ह (Logo) निरंतर प्रवाह की और तो इशारा करता ही है, यह कल्प-तरु या बोधि वृक्ष (Tree of Knowledge) का भी प्रतीक है.

यह जमशेदजी टाटा द्वारा वर्ष 1868 में स्थापित किया गया था और कई वैश्विक कंपनियों को खरीदने के बाद अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई थी.

 

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