बेल्जियम ने नीदरलैंड को हराकर हॉकी विश्व कप 2018 का खिताब जीता

बेल्जियम ने 16 दिसंबर 2018 को हॉकी विश्व कप 2018 के फाइनल में इतिहास रच दिया. ओडिशा के कलिंगा स्टेडियम में खेले गए फाइल में बेल्जियम ने शूटआउट में नीदरलैंड को 3-2 से हराकर हॉकी विश्व कप 2018 का खिताब अपने नाम कर लिया.

बेल्जियम और नीदरलैंड के चारों क्वार्टर का खेल गोलरहित रहा. इसके बाद मुकाबला शूटआउट में गया, जहां बेल्जियम ने नीदरलैंड को 3-2 से हराकर जीत दर्ज की. बेल्जियम की हॉकी टीम विश्व चैंपियन बना और नीदरलैंड की हॉकी टीम को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा. वहीं, ऑस्ट्रेलिया की हॉकी टीम को कांस्य पदक मिला.

पहली बार बेल्जियम की टीम फाइनल:

इस विश्व कप में पहली बार बेल्जियम की टीम फाइनल में पहुंची थी और उसका सामना तीन बार विश्व चैंपियन रह चुकी नीदरलैंड के साथ था. बेल्जियम की टीम ने रियो ओलंपिक 2016 में रजत पदक जीता था.

पुरुष हॉकी विश्व कप 2018 के मुख्य बातें:

पुरुष हॉकी विश्व कप 2018 के के लिए ओल्ली नामक कछुए को शुभंकर बनाया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य ओलिव रिडले कछुए के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाना है.

हॉकी विश्व कप 2018 का एंथम सोंग को  ए. आर. रहमान द्वारा तैयार किया गया था. इस एंथम सोंग के लिरिक्स “जय हिन्द, जय इंडिया” हैं. यह लिरिक्स गुलज़ार द्वारा लिखे गये हैं.

 

मैन ऑफ द मैच:

इस मैच में बेल्जियम के गोलकीपर विसेंट वनाश को उनके बेहतरीन खेल के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया. वहीं, भारत के मनप्रीत सिंह को बेस्ट सेलिब्रेशन अवार्ड से नवाजा गया. प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अर्थर वन डोरेन को चुना गया. बेस्ट गोलकीपर का अवार्ड नीदरलैंड के गोलकीपर पिरमिन बलाक को मिला. इसके अलावा गोल स्कोरर ऑफ द टूर्नामेंट बेल्जियम के हैंड्रिक्स और ऑस्ट्रेलिया के बलाक गोवर्स को दिया गया.

बेल्जियम और नीदरलैंड विश्व हॉकी कप में: एक नजर  

पहली बार टूर्नामेंट में सेमीफाइनल और फाइनल तक पहुंचने वाली बेल्जियम टीम ने पहली बार चैम्पियन का भी ताज पहना. इससे पहले पिछले विश्व कप में वह पांचवें स्थान पर रहा था. वहीं, वर्ष 2002 विश्व कप में 14वें, वर्ष 1994 विश्व कप में 11वें, वर्ष 1978 में 14वें और वर्ष 1973 में आठवें स्थान पर रहा था.

विश्व कप पूल सी में बेल्जियम भारत के बाद दूसरे स्थान पर रहा था और क्रॉसओवर खेलकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था. दुनिया की चौथे नंबर की टीम नीदरलैंड पिछली बार उपविजेता रहा था, जबकि उसने वर्ष 1973, वर्ष 1990 और वर्ष 1998 में खिताब जीता.

 

विश्व कप हॉकी:

विश्व कप हॉकी की शुरुआत वर्ष 1971 में हुई थी और अभी तक पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा चार बार खिताब पर कब्ज़ा किया है. ऑस्ट्रेलिया और नेदरलैंड्स ने तीन-तीन और जर्मनी ने दो बार विश्व कप पर कब्ज़ा किया है. भारत ने वर्ष 1975 में विश्व कप पर कब्ज़ा किया था.

भारत में तीसरी बार हॉकी विश्व कप का आयोजन:

भारत में तीसरी बार हॉकी विश्व कप का आयोजन हुआ. इससे पहले वर्ष 1982 और वर्ष 2010 में भारत हॉकी विश्व कप का आयोजन कर चुका है.

 

अबतक हॉकी विश्व कप जीत चुके देश:

देश

कितनी बार

पाकिस्तान

वर्ष 1971, वर्ष 1978, वर्ष 1982, वर्ष 1994

नीदरलैंड

वर्ष 1973, वर्ष 1990, वर्ष 1998

ऑस्ट्रेलिया

वर्ष 1986, वर्ष 2010, वर्ष 2014

जर्मनी

वर्ष 2002, वर्ष 2006

भारत

वर्ष 1975

बेल्जियम

वर्ष 2018

 

भारत 43 साल से नहीं जीता कोई पदक:

वर्ष 1975 के बाद से एशियाई धुरंधर भारतीय टीम नीदरलैंड, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के स्तर तक पहुंचने में नाकाम रही. पिछले चार दशक से यूरोपीय टीमों ने विश्व हॉकी पर दबदबा बनाये रखा है. भारत ने वर्ष 1975 के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मुंबई में वर्ष 1992 में हुए विश्व कप में किया जब वह पांचवें स्थान पर रहा था. भारत पिछले 43 साल में विश्व कप का कोई भी पदक नही जीत सका. भारत के नाम केवल एक स्वर्ण पदक (1975), एक रजत पदक (1973) और एक कांस्य पदक(1971) सहित कुल तीन पदक हैं.

 

पुरुष हॉकी विश्व कप 2018:

पुरुष हॉकी विश्व कप के 14वें संस्करण का आयोजन ओडिशा के भुवनेश्वर में 28 नवम्बर से 16 दिसम्बर 2018 के बीच किया गया. इस हॉकी विश्व कप में 16 देशों ने हिस्सा लिया था. इस विश्व कप का आयोजन भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में किया गया. इस पुरुष हॉकी विश्व कप में भाग लेने वाले टीम भारत, इंग्लैंड, मलेशिया, कनाडा, पाकिस्तान, चीन, बेल्जियम, जर्मनी, न्यूजीलैंड, स्पेन, आयरलैंड, फ्रांस, अर्जेंटीना, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया तथा दक्षिण अफ्रीका थे.

 

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