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गृह मंत्रालय ने आठ शहरों में महिला सुरक्षा हेतु 2919.55 करोड़ रुपये मंजूर किये

गृह मंत्रालय ने विभिन्न आठ शहरों में महिलाओं की सुरक्षा हेतु किये जाने वाले उपायों के लिए लगभग 2919.55 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं. इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में सार्वजनिक पैनिक बटन और महिला गश्त दल शुरू किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त और भी कई कदम उठाये जायेंगे जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

इन सभी कामों को निर्भया कोष के तहत मंजूरी दी गई है. आठ चुनिंदा शहरों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, अहमदाबाद और लखनऊ शामिल हैं.

 

निर्भया कोष

दिल्ली में वर्ष 2012 में एक युवती से दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आने के लिए मजबूर किया था. महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद वर्ष 2013 में निर्भया कोष की स्थापना की गई थी. निर्भया कोष आर्थिक कार्य-विभाग द्वारा अभी शासित किया जाता है. आरंभ में निर्भया कोष में 1000.00 करोड़ रूपए की राशि डाली गई थी.



महिला सुरक्षा योजना के मुख्य बिंदु

•    महिला सुरक्षित शहर परियोजना के तहत महिलाओं और बच्चों के लिये पारगमन शयनकक्ष, स्मार्ट एलईडी स्ट्रीटलाइट, एकल बिंदु संकट समाधान केंद्र के साथ ही फॉरेंसिक और साइबर अपराध प्रकोष्ठ स्थापित किये जाएंगे.

•    इसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद अहमदाबाद और लखनऊ में चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 तक लागू किया जाएगा.

•    दिल्ली के लिये 663.67 करोड़ रुपये, मुंबई के लिये 252 करोड़, चेन्नई के लिये 425.06 करोड़, अहमदाबाद के लिये 253 करोड़, कोलकाता के लिये 181.32 करोड़, बेंगलुरू के लिये 667 करोड़, हैदराबाद के लिये 282.50 करोड़ और लखनऊ के लिये 195 करोड़ रुपये की रकम निर्धारित की गयी है.

•    इस परियोजना में पूर्ण रूप से महिला गश्त दल जैसे ‘शी-टीम’ और आकस्मिक प्रतिक्रिया वाहन जैसे ‘अभयम्’ वैन की तैनाती की परिकल्पना है, जिससे त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया प्रणाली सुनिश्चित की जा सके.

•    परियोजना के तहत राज्य सरकारें अपनी जरूरत के अनुसार महिला सुरक्षा के उपाय अपना सकती हैं. परियोजना पर होने वाले 60 प्रतिशत खर्च केंद्र और बाकी संबंधित राज्य उठाएगा.

 

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