एचआरडी मंत्रालय द्वारा समग्र शिक्षा अभियान आरंभ किया गया

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 24 मई 2018 को सरकार की महत्वाकांक्षी ‘समग्र शिक्षा योजना’ की शुरूआत की. इसके माध्यम से शिक्षा का स्तर सुधारने तथा तकनीकी इस्तेमाल बढ़ाकर विद्यार्थी और शिक्षकों को अधिक सशक्त बनाया जायेगा.

इस योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है तथा साथ ही बच्चों को समग्र रूप से विकास की ओर अग्रसर करना है.

समग्र शिक्षा अभियान के मुख्य तथ्य

•    पांचवी तक के स्कूल में खेल सामग्री के लिए हर साल 5,000 रुपये, दसवीं तक के स्कूल में 10,000 तथा 12वीं तक के स्कूलों में 15,000 रुपये दिए जाएंगे.

•    सभी स्कूलों में एक घंटा फिजिकल एक्टिविटी के लिए देना अनिवार्य होगा.

•    स्कूलों में लाइब्रेरी होना बेहद जरूरी है, इसके लिए केंद्र सरकार स्कूलों को किताबों के लिए हर वर्ष 5,000 से लेकर 20,000 तक की सहायता राशि  मुहैया कराएगा.

•    दूर-दराज और गांव में रहने वाली लड़कियों को शिक्षा देने के लिए आरंभ की गई कस्तूरबा गांधी विद्यालय योजना पहले छठी से नौवीं तक ही सीमित थी. इसे अब छठी से बारहवीं तक बढ़ाया गया है.

•    विकलांग विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए 200 रुपये प्रतिमाह दिया जायेगा.

•    कौशल भारत में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी.

योजना का महत्व

  • समग्र विकास के लिए समग्र शिक्षा आवश्यक है जिसके चलते यह योजना महत्वपूर्ण है.
  • इस योजना में तकनीक के इस्तेमाल से शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही जानकारी में इजाफा हो सकेगा.
  • विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कौशल भारत में उनका योगदान सुनिश्चित किया जा सके.
 

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