एचआरडी मंत्रालय ने नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिये ‘अटल रैंकिंग’ आरंभ की

उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार की संस्कृति के प्रोत्साहन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. सत्य पाल सिंह ने 30 अगस्त 2018 को नवाचार उपलब्धियों पर नवाचार प्रकोष्ठ एवं संस्थानों की अटल रैंकिंग (एआरआईआईए) को लॉन्च किया.

नवाचार प्रकोष्ठ मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल है और उसे एआईसीटीई परिसर में स्थापित किया गया है. इसका उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार संस्कृति को व्यवस्थित तरीके से प्रोत्साहन देना है.

उद्देश्य

इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य युवा छात्रों को नए विचारों और प्रक्रियाओं के बारे में अवगत करके उन्हें प्रोत्साहित करना, प्रेरित करना और उन्हें बढ़ावा देना है. इसके परिणामस्वरूप उच्च शैक्षिक संस्थानों में नवाचार क्लबों के नेटवर्क के माध्यम से छात्र अपने प्रारंभिक वर्षों में नवोन्मेष गतिविधियों को बढ़ावा दे सकेंगे.


अटल रैंकिंग क्यों?

•    मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हमें भारत में नवाचार संस्कृति का सृजन करना होगा और इसके लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को प्रोत्साहित करना होगा कि वे अपने परिसरों में नवाचार क्लब बनाएं.

•    उनके कथनानुसार नवाचार के बिना कोई भी देश सतत विकास और समृद्धि हासिल नहीं कर सकता है.

•    21वीं शताब्दी नवाचार की शताब्दी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2010-2020 के दशक को ‘नवाचार दशक’ कहा है.

•    भारत विश्व मंच पर नवाचार के संदर्भ में पांच वर्ष पहले 86वें स्थान पर था, जो इस वर्ष 57वें स्थान पर पहुंच गया है.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय नवाचार प्रकोष्ठ

नवाचार प्रकोष्ठ मंत्रालय की पहल है जिसे एआईसीटीई ने स्थापित किया है. इसका उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार की संस्कृति को व्यवस्थित तरीके से प्रोत्साहन देना है. नवाचार प्रकोष्ठ के प्रमुख कार्यों में युवा छात्रों को प्रोत्साहित, प्रेरित और शिक्षित करना है. इसके तहत युवा छात्रों को नए विचारों से परिचित कराया जाएगा और उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार क्लबों के नेटवर्क के जरिए उनमें नवाचार के प्रति रुझान पैदा किया जाएगा.

 

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