भारत बंदरगाहों पर पड़ा प्याज बांग्लादेश सहित अन्य देशों को भी निर्यात करेगा

भारत सरकार ने बांग्लादेश सहित आया सभी देशों के पारगमन में बंदरगाहों पर पड़े प्याज के निर्यात की अनुमति दी है. यह आदेश, भारत के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर बांग्लादेश द्वारा "गहरी चिंता" व्यक्त करने के बाद दिया गया है.

लगभग 20,089 मीट्रिक टन प्याज कोलकाता क्षेत्र में पड़ा है, जबकि 4,576 मीट्रिक टन प्याज मुंबई-द्वितीय क्षेत्र में पड़ा है. इसके अलावा, 933 मीट्रिक टन प्याज त्रिची बंदरगाह पर और लगभग 258 मीट्रिक टन प्याज नागपुर बंदरगाह पर पड़ा है.

भारत ने इस 14 सितंबर, 2020 को तत्काल प्रभाव से कटे हुए या पाउडर के रूप में तैयार प्याज के सिवाय, प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. प्याज के निर्यात पर यह प्रतिबंध, घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने के लिए लगाया गया था.

प्याज के निर्यात पर यह प्रतिबंध लगाने के भारत के इस कदम के परिणामस्वरूप, बांग्लादेश में प्याज की कीमतों में वृद्धि हुई. इसके परिणामस्वरूप, पश्चिम बंगाल में विभिन्न बंदरगाहों और भूमि सीमाओं पर बांग्लादेश में प्याज लेकर जाने वाले सैकड़ों ट्रक फंसे हुए थे.

पृष्ठभूमि

अक्टूबर 2019 में, भारत द्वारा प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मजाक में यह कहा था कि, उन्होंने अपने कुक को खाना पकाते समय प्याज न इस्तेमाल करने के लिए कहा था और यह चिंता व्यक्त की थी कि, सितंबर में प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के भारत के फैसले से उनके देश को बहुत असुविधा हुई है. बाद में, मार्च, 2020 को भारत द्वारा प्याज के निर्यात से यह प्रतिबंध हटा दिया गया था.

शेख हसीना ने यह कहा था कि, प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध से हमारे राष्ट्र को असुविधा हुई है. उन्होंने आगे कहा कि, अगर उन्हें पहले नोटिस दिया गया होता, तो वे इसे कहीं और से प्राप्त कर सकते थे.

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