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भारत और चीन के बीच 'हैंड इन हैंड’ युद्ध अभ्यास शुरू

भारत और चीन के बीच 10 दिसम्बर 2018 को 'हैंड इन हैंड’ युद्ध अभ्यास की शुरुआत हुई. इस युद्ध अभ्यास के उद्घाटन समारोह का आयोजन चीनी शहर चेंगदू में किया गया. यह युद्ध अभ्यास 10 से 23 दिसम्बर तक आयोजित किया जायेगा.

भारतीय सेना की ओर से कंपनी आकार की 11 सिखली टुकड़िया और चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी की तिब्बती मिलिटरी जिले से एक रेजिमेंट संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया हैं. भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व कर्नल पुनीत प्रताप सिंह तोमर, कंमाडिंग ऑफिसर, 11 सिखली और चीनी टुकड़ी का नेतृत्व कर्नल झोउ जुन कर रहे हैं.

पीएलए के संयुक्त प्रशिक्षण के वरिष्ठ प्रतिनिधि मेजर जर्नल कुवांग देवांग ने दोनों देशों के कई अधिकारियों की मौजूदगी में परेड का निरीक्षण किया. इस अभ्यास के दौरान इंडोर कक्षाएं और आउटडोर प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की जायेंगी.

 

उद्देश्य:

संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है. इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच मजबूत संबंध बनाना और उन्हें बढ़ावा देना है. इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त परिचालन क्षमता का विकास आतंकवाद विरोधी अभियानों के उपयोगी अनुभव साझा करना तथा भारत और चीन की सेनाओं के मध्य मैत्रीपूर्ण संबंध को बढ़ावा देना है.

 

सातवां संयुक्त सैन्य अभ्यास:

•   इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का नाम 'हैंड इन हैंड' दिया गया है और यह दोनों देश के बीच सातवां संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा. यह संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच 2017 में हुए डोकलाम विवाद के बाद हो रहा है.

•   भारत-चीन साझा सैन्य अभ्यास में दोनों तरफ से 100-100 सैनिक हिस्सा ले रहे है.

•   इस युद्धाभ्यास में संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने अथवा आतंकवादी माहौल से मुकाबला करने में सामरिक स्तर के संचालन शामिल होंगे.

•   संयुक्त अभ्यास कंमाडर की क्षमता में बढ़ोतरी करना भी इस अभ्यास का लक्ष्य है ताकि दोनों देशों की सैन्य टुकड़िया कमान के अंतर्गत काम कर सकें.

   अभ्यास के दौरान संयुक्त राष्ट्र के आदेश के तहत किसी देश में विघटनकारी/ आतंकवादी गतिविधियों के मुकाबले के लिए कार्रवाइयों का प्रशिक्षण भी शामिल होगा.

   इस युद्ध अभ्यास के द्वारा दोनों देशों की सेनाओं में आपसी समन्वय में वृद्धि होगी. इस दौरान आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के लिए भी प्रशिक्षण किया जायेगा.

•   चीन ने तिब्बती सैन्य कमान से इस युद्धाभ्यास के लिये अपने जवानों को तैनात किया है.

 

पिछले साल नहीं हुआ था अभ्यास:

यह अभ्यास एक साल के अंतराल पर हो रहा है. पिछले साल यह अभ्यास नहीं हो पाया था क्योंकि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में 73 दिनों तक दोनों सेनाओं के बीच गतिरोध बना हुआ था. भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच सैन्याभ्यास की बहाली से द्विपक्षीय संबंधों में तेजी आएगी और अच्छे नतीजे सामने आएंगे.

 

यह भी पढ़ें: भारतीय और अमेरिकी वायुसेना के बीच 'कोप इंडिया-18' का चौथा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास शुरू

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