भारत और नीदरलैंड के मध्य 50 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये

भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दो दिवसीय भारत दौरे पर आए नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट (Mark Rutte) ने 24 मई 2018 को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में सीईओ कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया.  

नीदरलैंड अब तक भारत में कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत है. सीईओ कॉन्फ्रेंस के बाद दोनों देशों द्वारा आर्थिक एवं द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिए विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये.

संयुक्त वक्तव्य

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'भारत की विकास यात्रा में नीदरलैंड एक प्रमुख साझेदार है. मैंने नीदरलैंड से अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने का आग्रह किया था और मुझे खुशी है कि आज नीदरलैंड अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का सदस्य बन गया है.' वहीं नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट ने कहा कि 'नीदरलैंड में सक्रिय कई भारतीय कंपनियां हमें अधिक सफल और अधिक लचीला समाज बनाने में मदद कर रही हैं। मैं भविष्य की ऐसी ही कई बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं.'


भारत-नीदरलैंड समझौतों के मुख्य बिंदु

•    नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा शुरू किए गए इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) के फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए.

•    दोनों देशों के संबंधित संस्थानों ने हिंडन बेसिन में ठोस अपशिष्ट और अपशिष्ट जल की 'वेस्ट टू वेल्थ' परियोजना के लिए हाथ मिलाया है.

•    कानपुर व उन्नाव के चमड़ा उद्योग में सहयोग के लिए पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकियों अपनाने व उत्तर प्रदेश के गन्ना उद्योग में बेहतरीन कृषि उपयोग के जरिए जल के संरक्षण हेतु किये जाने वाले उपायों पर भी समझौता किया गया.

•    दोनों पक्ष स्वच्छ गंगा अभियान पर ध्यान केंद्रित करते हुए जून 2017 में हस्ताक्षर किए गए जल प्रबंधन के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (समझौता ज्ञापन) के तहत सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए.

•    भारत और नीदरलैंड के लोगों के बीच संपर्क एवं व्यापारिक आदान प्रदान को आसान बनाने के लिए वीज़ा नियमों को लचीला बनाने की सहमति व्यक्त की.

•    नीदरलैंड एवं भारत ने स्मार्ट सिटी, नॉलेज संस्थानों, हाईटेक आईटी एवं अंतरिक्ष, जीवविज्ञान एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में दस करारों पर हस्ताक्षर किये.

•    कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, जल प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, जीव विज्ञान व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के साथ अन्य में सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं की पहचान की गई.

•    दोनों नेताओं ने बेंगलुरु में डच महावाणिज्य दूतावास खोले जाने का स्वागत किया.

•    भारत और नीदरलैंड ने वैश्वीकरण को सुनिश्चित करने, गरीबी, भुखमरी, बेरोज़गारी, ऊर्जा सुरक्षा, मानवाधिकार, लैंगिक असमानता, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण रोकने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.

 

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भारत-नीदरलैंड संबंध

भारत और नीदरलैंड के मध्य लंबे समय से घनिष्ठ संबंध हैं. दोनों देश व्यापारिक और वाणिज्यिक मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग करते रहे हैं. विदेश मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार भारत और नीदरलैंड के बीच (अप्रैल 2017-फरवरी 2018) 7.621 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ है. नीदरलैंड में 2,35,000 भारतीय प्रवासी रहते हैं जो कि यूरोप में सबसे ज्यादा है. रूट के दौरे से भारत व नीदरलैंड के बीच आर्थिक व राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

 

 

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