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भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया

भारत और पाकिस्तान ने 01 जनवरी 2018 को एक समझौते के तहत अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया है. इसका मुख्य लक्ष्य दोनों पक्षों को हमला करने से रोकना है. यह आदान-प्रदान राजनयिक माध्यमों के द्वारा दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुआ.

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पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ बदसलूकी के बाद दोनों देशों के बीच इस आदान-प्रदान को मरहम के तौर पर देखा जा रहा है. दोनों देशों के बीच यह आदान-प्रदान 27 वीं बार किया गया है.

मुख्य तथ्य:

•    भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची के आदान-प्रदान के इस समझौते पर 31 दिसंबर 1988 में हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन इसे दोनों देश 27 जनवरी 1991 में अमल में लाए.

•    दोनों देश एक दूसरे की जेल में बंद अपने-अपने नागरिकों की सूची भी एक-दूसरे से आदान-प्रदान करते है.

•    समझौते के मुताबिक दोनों देशों को हर साल 1 जनवरी को अपने परमाणु सेटअप के बारे में बताना जरूरी है.

•    पहली बार दोनों ने 01 जनवरी 1992 को एक दूसरे को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची सौंपी थी.

•    भारत ने पाकिस्तान के 94 मछुआरों और 250 अन्य कैदियों की सूची सौंपी है. भारत ने चार ऐसे मछुआरों तथा 54 अन्य कैदियों की सूची भी पाकिस्तान को दी है जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है.

•    पाकिस्तान ने भी भारत को  399 मछुआरों और 58 अन्य कैदियों की सूची सौंपी है. भारत सरकार ने कैदियों, मछुआरों और लापता जवानों की जल्द रिहायी के लिए भी पाकिस्तान से कहा है.

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