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भारत-बांग्लादेश ने संयुक्त रूप से तीन परियोजनाओं की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सितंबर 2018 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बांग्लादेश में तीन आधारभूत परियोजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया.

इन तीनों परियोजनाओं का प्रधानमंत्री मोदी, उनकी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके बांग्लादेशी समकक्ष भी इस मौके पर उपस्थित थे.

भारत-बांग्लादेश संयुक्त परियोजनाएं

भारत-बांग्लादेश की संयुक्त परियोजनाएं हैं - भरमार (बांग्लादेश)-बहरामपुर (भारत) अंतरसंपर्क के जरिए भारत से बांग्लादेश को 500 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली आपूर्ति, अखौरा-अगरतला रेल लिंक और बांग्लादेश रेलवे के कुलौरा – शाहबाजपुर खंड का पुनरूद्धार.

कुलौरा-शाहबाजपुर खंड का पुनरूद्धार: इस परियोजना के तहत, पुल और पुल भवन का निर्माण किया गया है. इसमें प्लेटफार्म के साथ स्टेशन और पैदल क्रॉसिंग और रेलवे लाइन के सुधार के साथ शेड भी बनाया गया. इसके अंतर्गत 44.77 किलोमीटर की मेनलाइन तथा 7.77 किलोमीटर की लूपलाइन का भी पुनर्निर्माण किया गया है.

भारत से बांग्लादेश को 500 मेगावाट विद्युत् आपूर्ति: भारत द्वारा मौजूदा भरमार (बांग्लादेश) से बहरामपुर (भारत) में इंटरकनेक्टिविटी स्थापित की गई है. इसके द्वारा भारत बांग्लादेश को 1.16 गीगावाट बिजली आपूर्ति करेगा. इस परियोजना के बारे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बांग्लादेश यात्रा के दौरान वर्ष 2015 में घोषणा की गई थी.

अखौरा-अगरतला रेल लिंक: इस रेल परियोजना को वर्ष 2010 में तय किया गया था. इसके उपरांत दोनों देशों ने वर्ष 2013 में एक एमओयू पर हस्ताक्षर करके इस रेल परियोजना को आरंभ किया. माना जा रहा है कि यह रेल लाइन वर्ष 2019 में काम करना आरंभ कर देगी. इसके तहत 15.054 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का निर्माण किया जाना है. इस रेल लिंक द्वारा भारत और बांग्लादेश क्रॉस बॉर्डर संपर्क करने में सक्षम हो जायेंगे. इससे न केवल दोनों देशों के मध्य आर्थिक-सामाजिक तालमेल बढ़ेगा बल्कि सांस्कृतिक तालमेल भी बढ़ेगा.

 

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