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भारत और बुल्गारिया के मध्य चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और उनके बुल्गारियाई समकक्ष रूमेन रादेव के मध्य हुई बैठक में 05 सितंबर 2018 को चार विषयों से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुल्गारिया को रक्षा क्षेत्र में भारत का प्रमुख साझेदार बनने के लिए भी आमंत्रित किया.

कोविंद यूरोप के तीन देशों की अपनी आठ दिवसीय यात्रा के दूसरे चरण में साइप्रस से बुल्गारिया पहुंचे. उनकी यात्रा का उद्देश्य इन यूरोपीय देशों से भारत के उच्च-स्तरीय संबंधों को मजबूत करना है.

भारत-बुल्गारिया समझौते

•    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और उनके बुल्गारियाई समकक्ष रूमेन रादेव के बीच असैन्य परमाणु सहयोग सहित चार विषयों से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गये.

•    राष्ट्रपति कोविंद ने बुल्गारिया को रक्षा क्षेत्र में भारत का प्रमुख साझेदार बनने के लिए  आमंत्रित किया.

•    दोनों नेताओं की मौजूदगी में अधिकारियों ने निवेश, पर्यटन, असैन्य परमाणु सहयोग एवं सोफिया यूनिवर्सिटी में हिंदी पीठ की स्थापना से जुड़े कुल चार समझौतों पर दस्तखत किए.

•    इसके अलावा, वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक सहयोग कार्यक्रम पर भी हस्ताक्षर किए गए.

•    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुल्गारिया को ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत रक्षा क्षेत्र, आईटी क्षेत्र में भारत का प्रमुख साझेदार बनने के लिए भी आमंत्रित किया.

नोट

बुल्गारिया उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का सदस्य देश है, जिसका स्वदेशी रक्षा उद्योग काफी बड़ा है, यह भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है. राष्ट्रपति कोविंद ने बुल्गारिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच का ‘‘पुल’’ करार दिया और भारत की परिवर्तनकारी यात्रा में इस समुदाय की भागीदारी का स्वागत किया. यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत की नीति में एक ‘‘नया उत्साह’’ है.


भारत-बुल्गारिया संबंध

भारत-बुल्गारिया के मध्य काफी पुराने मैत्री संबंध हैं. भारत के महान कवि रविन्द्र नाथ टैगोर ने वर्ष 1926 में बुल्गारिया की यात्रा की थी. उन्होंने दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ा था. बुल्गारिया की यात्रा पर जाने वाले कोविंद पांचवें और पिछले 15 वर्षों में पहले भारतीय राष्टूपति हैं. बुल्गारिया और भारत के मध्य धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक एवं बॉलीवुड से जुड़े संबंध हैं. दोनों देशों के बीच की घनिष्ठता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति रादेव ने राष्ट्रपति कोविंद के साथ बातचीत में भारतीय संस्कृति और खास तौर से बौद्ध और योग, गीता और महाभारत के प्रति अपने लगाव पर बातचीत की तथा दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने रादेव की पसंदीदा हिन्दी फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ पर भी चर्चा की.

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की साइप्रस यात्रा: प्रमुख तथ्य

 
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