भारत ने अपना 69वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

भारत ने 26 जनवरी 2018 को अपना 69वां गणतंत्र दिवस मनाया. देश के 69वें गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर देश की शान और ताकत दिखाया गया. यह दिवस भारत के गणतंत्र बनने की खुशी में मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस से संबंधित मुख्य तथ्य:

•    भारत के इतिहास में पहली बार आसियान के सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेता गणतंत्र दिवस की परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए.

•    आसियान दक्षिणी पूर्वी एशिया के दस देशों का समूह है जिसमें सिंगापुर, थाइलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलीपींस, म्यांमार, कम्बोडिया, लाओस और ब्रूनेई शामिल हैं.

•    परेड की शुरुआत आसियान देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के साथ हुई. पहली बार है कि परेड की शुरुआत किसी अन्य देश के दस्ते के साथ हुई हो. पूर्व सैनिकों की झांकी भी निकाली गई.

•    परेड में देश की सैन्ये शक्ति को दिखाते अत्या धुनिक हथियार दिखे, जिसमें टैंक टी-90, ब्रह्मोस शस्त्रे प्रणाली, हथियार खोजी रडार स्वााति, टैंक टी-72, आकाश मिसाइल, न्यूंक्लियर मिसाइल निर्भय आदि शामिल रहे.

•    परेड में भारतीय सेना की अलग-अलग रेजिमेंटों, सशस्त्रभ बलों और पुलिस बलों की टुकडि़यों ने भी परेड में भाग लिया.

•    कृषि क्षेत्र के लिए शोध करने वाले सरकारी संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की झांकी इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुई. इस झांकी में मृदा स्वास्थ्य प्रयोगशाला को दिखाया गया. झांकी का मूल विषय एकीकृत खेती रहा जिसका लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है.

•    पहली बार राजपथ पर महिला बीएसएफ जवानों ने करतब दिखाए. आजादी के बाद ये पहला मौका रहा जब महिला जवानों की टुकड़ी ने राजपथ पर स्टेंट दिखाए.

गणतंत्र दिवस के बारे में:

•    गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है.

•    इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था.

•    एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था.

•    26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई० एन० सी०) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था.

•    यह भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है, अन्य दो स्वणतंत्रता दिवस और गांधी जयंती हैं.

पृष्ठभूमि:

गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को राजधानी दिल्ली के राजपथ पर हुई थी. गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करते ही राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है. नौसेना और थलसेना देश की आजादी के शहीदों हुए लोगों के सम्मान में बंदूकों और तोपों से सलामी देती हैं. इस दिन वीर चक्र, महावीर चक्र, परमवीर चक्र, कीर्ति चक्र और अशोक चक्र जैसे पुरस्कार दिए जाते हैं.

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