Kargil Vijay Divas: कारगिल विजय के 21 साल पूरे, जानिए इसके बारे में सबकुछ

कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Divas) के 26 जुलाई 2020 को 21 साल पूरे हो गए हैं. साल 1999 में आज ही के दिन भारतीय सेना ने इस युद्ध में विजय हासिल की थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेना के प्रमुख दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

भारतीय सेना ने 21 साल पहले 26 जुलाई को वो शौर्य और पराक्रम दिखाया था जिसका इतिहास में कोई मुकाबला नहीं है. इस युद्ध में देश के 500 से अधिक जवान शहीद हो गए थे. इस दिन को ‘विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. पाकिस्तान के ऊपर जीत की याद में भारत हर साल कारगिल विजय दिवस मनाता है.

प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' कार्यक्रम क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए 26 जुलाई को कारगिल युद्ध के वीरों को याद किया और कहा कि पाकिस्तान ने हमारी पीठ में छूरा खोंपने का प्रयास किया था, लेकिन फिर दुनिया ने हमारे सैनिकों और भारत की ताकत को देखा. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन 21 साल पहले हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था. उन्होंने कहा कि कारगिल का युद्ध जिस परिस्थितियों में हुआ था उसे भारत कभी नहीं भूल सकता है.

On Kargil Vijay Diwas, we remember the courage and determination of our armed forces, who steadfastly protected our nation in 1999. Their valour continues to inspire generations.

Will speak more about this during today’s #MannKiBaat, which begins shortly. #CourageInKargil

— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2020

रक्षा मंत्री ने क्या कहा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि मैं करगिल विजय दिवस के अवसर पर सभी भारतीय नागरिकों को बधाई देता हूं. जिन जवानों के बलिदान की बदौलत हमने करगिल युद्ध जीता था, वे सशस्त्र बलों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेंगे.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने क्या कहा?

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर अपने ट्वीट में कहा कि कारगिल विजय दिवस हमारे सशस्त्र बलों की निडरता, दृढ़ संकल्प और असाधारण वीरता का प्रतीक है. मैं उन सैनिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने दुश्मन का मुकाबला किया और भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्र सदा के लिए उनका और उनके परिवारजनों का कृतज्ञ है.

कारगिल विजय दिवस हमारे सशस्त्र बलों की निडरता, दृढ़ संकल्प और असाधारण वीरता का प्रतीक है।

मैं उन सैनिकों को नमन करता हूं जिन्होंने दुश्मन का मुकाबला किया और भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

राष्ट्र सदा के लिए उनका और उनके परिवारजनों का कृतज्ञ है।

— President of India (@rashtrapatibhvn) July 26, 2020

कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस स्वतंत्र भारत के सभी देशवासियों के लिए एक बहुत ही अहम दिवस है. भारत में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई के दिन यह मनाया जाता है. भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला और 26 जुलाई के दिन उसका अंत हुआ और इसमें भारत विजय हुआ. कारगिल विजय दिवस युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों के सम्मान के लिए मनाया जाता है.

कारगिल युद्ध एक नजर में

कारगिल युद्ध 03 मई 1999 से शुरू हुआ था. यह युद्ध करीब ढाई महीने तक चला और 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ. कारगिल विजय दिवस के दिन देशभर में सैनिक, पुलिस और आम लोग भी देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. कारगिल युद्ध के बाद कैप्टन विक्रम बत्रा (मरणोपरांत), लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय (मरणोपरांत), रायफलमैन संजय कुमार और ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव को भारत के सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया.

भारत की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि इस कार्रवाई में सेना के करीब 527 जवान शहीद हुए और लगभग 1363 घायल हुए थे. यह युद्ध करीब 16 हज़ार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया जो कि विश्व में भारतीय सेना के साहस का परिचय है. कारगिल युद्ध को कारगिल संघर्ष के नाम से भी जाना जाता है.

पाकिस्तानी सेना और कश्मीरी उग्रवादियों ने साल 1999 में कारगिल में नियंत्रण रेखा पार कर भारत के नियंत्रण वाले क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की कोशिश की थी. भारत के नियंत्रण वाले क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की कोशिश के दौरान दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ गया. यह युद्ध मई से लेकर जुलाई तक चला. भारत ने इस युद्ध में 26 जुलाई को जीत हासिल की. उसी दिन से 26 जुलाई के दिन कारगिल शहीदों को पूरे देश में श्रद्धांजलि दी जाती है. इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में भी याद किया जाता है.

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