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भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग सहित 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 30 मई 2018 को व्यापक रणनीतिक साझेदारी हेतु प्रतिबद्धता जाहिर की. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया में सागर (SAGAR) मंत्र दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. मर्डेका में पीएम मोदी और राष्ट्रपति विदोदो के सामने दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बैठक हुई, जिसमें कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. भारत और इंडोनेशिया के बीच 15 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें रक्षा, विज्ञान, तकनीक, रेल और स्वास्थ्य के क्षेत्रों से जुड़े हुए थे.

इनमें छह समझौतें विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के मध्य हुए हैं. इंडोनेशिया के बाली और भारत के उत्तराखंड राज्यों को ‘सहोदर राज्य’ बनाने की भी घोषणा की गयी. इस अवसर पर संयुक्त वक्तव्य और भारत इंडोनेशिया समुद्री सहयोग पर एक अलग साझा दृष्टिपत्र भी जारी किया.

SAGAR मंत्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विकास के लिए वह प्रतिबद्ध हैं. भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और SAGAR विजन इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको जिदोदो की मैरीटाइम फलक्रम पॉलिसी से मेल खाता है. प्रधानमंत्री ने SAGAR का अर्थ बताया - सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन रीजन.

 

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स्मरणीय तथ्य

•    दोनों पक्ष क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी के शुरुआती निष्कर्ष के लिए गहन रूप से काम करने पर सहमत हुए और दोहराया कि सभी सदस्यों के लिए लाभ के साथ व्यापक, निष्पक्ष और संतुलित कार्य होना आवश्यक है.

•    दोनों पक्ष संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, फिल्मों और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए सहमत हुए.

•    भारत और इंडोनेशिया परमाणु उर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए तथा अक्षय उर्जा के उपयोग के लिए सहमत हुए.

•    दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के लिए एक रक्षा सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किये.

•    भारत और इंडोनेशिया, दोनों पक्षों ने 2025 तक द्वपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाने के लिए अपने प्रयास को दोगुना करने की प्रतिबद्धता को दोहराया.

•    भारत और इंडोनेशिया द्वारा वर्ष 2019 में राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाए जाने की घोषणा की गई.

•    शिक्षा, विज्ञान व प्रौद्योगिकी पर दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे. ये दोनों देशों के लिए खासकर युवाओं के लिए लाभकारी होगा.

 

 
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