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भारत ने इज़राइल के साथ 77.7 करोड़ रुपये की डिफेंस डील पर हस्ताक्षर किये

भारत ने रूस के बाद इज़राइल के साथ रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौता किया है. इसके तहत इज़राइल की प्रमुख सरकारी रक्षा कंपनी ने 24 अक्टूबर 2018 को भारतीय नौसेना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है.

इस समझौते के तहत इजरायल भारत को सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की बराक-8 मिसाइल और मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति करेगा. इसके लिए दोनों देशों के बीच करीब 77.7 करोड़ डॉलर के रक्षा सौदों पर समझौता हस्ताक्षर किये गये हैं.

भारत-इज़राइल रक्षा प्रणाली आपूर्ति समझौता

•    इज़राइल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) के अनुसार नई दिल्ली की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) इस परियोजना के लिए मुख्य विनिर्माता कपंनी होगी.

•    आईएआई भारतीय नौसेना के सात पोतों के लिए सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइल (एलआर-एसएएम) और हवाई मिसाइल रक्षा प्रणाली (एएमडी), एएमडी प्रणाली बराक-8 के समुद्री संस्करण की आपूर्ति करेगी.

•    बराक-8 एक भारतीय-इजरायली लंबी दूरी वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है.

•    बराक 8 को विमान, हेलीकॉप्टर, एंटी शिप मिसाइल और यूएवी के साथ-साथ क्रूज मिसाइलों और लड़ाकू जेट विमानों के किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से बचाव के लिए डिजाइन किया गया है.

•    बराक-8 मिसाइल की मारक क्षमता 70 से 90 किमी है. यह साढ़े चार मीटर लंबी मिसाइल है जिसका वजन लगभग तीन टन है और यह 70 किलोग्राम भार ले जाने में सक्षम है.

•    हथियारों और तकनीकी अवसंरचना, एल्टा सिस्टम्स और अन्य चीज़ों के विकास के लिए इज़राइल का प्रशासन जिम्मेदार होगा जबकि भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) मिसाइलों का उत्पादन करेगी.

•    आईएआई इजरायल की सबसे बड़ी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी है. यह मिसाइल भेदी, हवाई प्रणालियों और खुफिया और साइबर सुरक्षा प्रणालियों सहित रक्षा प्रणालियों का विकास, विनिर्माण और आपूर्ति करती है.

इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई)

इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (आईएआई) इज़राइल की प्रमुख एयरोस्पेस और विमानन निर्माता कंपनी है.  यह सैन्य और नागरिक उपयोग के लिए कार्य करती है यह कंपनी पूरी तरह सरकार के स्वामित्व में कार्यरत है. लड़ाकू विमान के निर्माण के अलावा, आईएआई नागरिक विमान मध्यम आकार के व्यापार जेट विमानों को भी बनाता है. इन उत्पादों के विशेष रूप से इज़राइल के रक्षा बलों की जरूरतों के अनुसार बनाया जाता है जबकि अन्य देशों के लिए आईएआई सैन्य विनिर्माण करता है.

 

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