भारत ने PISA-2021 में शामिल होने के लिए OECD के साथ समझौता किया

केंद्र सरकार ने 2021 में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्र मूल्यांकन कार्यक्रम (PISA) में भाग लेने का फैसला लिया है. इसके फैसले के तहत भारत सरकार और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किये गये हैं.

आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) वर्ष 2021 में अंतर्राष्ट्रीय छात्र मूल्यांकन कार्यक्रम का आयोजन करेगा जिसके लिए भारत ने भी शामिल होने की इच्छा जताते हुए संगठन के साथ समझौता किया है.

समझौते के मुख्य बिंदु

•    इस कार्यक्रम में भारत की ओर से केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति द्वारा संचालित विद्यालय तथा केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ के विद्यालय भाग लेंगे.

•    इस कार्यक्रम के तहत मूल्यांकन के लिये किसी देश (बड़े देशों के मामले में विशिष्ट भौगौलिक क्षेत्र) के 15 साल की आयु के छात्रों को शामिल किया जाता है जो स्कूली शिक्षा के सभी रूपों अर्थात् सार्वजनिक, निजी, निजी-सहायता प्राप्त आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं.

•    यह सक्षमता आधारित मूल्यांकन है, जो यह मापता है कि छात्रों ने वे महत्त्वपूर्ण दक्षताएँ हासिल की हैं अथवा नहीं जो आधुनिक समाज में पूर्ण भागीदारी के लिये आवश्यक हैं.

•    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) वास्तविक परीक्षा की प्रक्रिया और उससे संबंधित गतिविधियों का हिस्सा होंगे.

•    वर्ष 2000 में आयोजित परीक्षण के पहले दौर के बाद से 44 मध्यम आय वाले देशों सहित 80 से अधिक देशों ने इस मूल्यांकन में भाग लिया है.

 

अंतरराष्ट्रीय छात्र मूल्यांकन कार्यक्रम (PISA)

अंतर्राष्ट्रीय छात्र मूल्यांकन कार्यक्रम (PISA) का आयोजन पहली बार वर्ष 2000 में किया गया था. आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) द्वारा समन्वित यह एक त्रैवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण है जिसमें दुनिया भर की शैक्षिक प्रणाली की गुणवत्ता का आकलन विज्ञान, गणित और पठन संबंधी क्षेत्रों में छात्रों का मूल्यांकन करके किया जाता है.

भारत में अधिकांश स्कूली परीक्षाओं के विपरीत, यह छात्र की स्मृति और पाठ्यचर्या आधारित ज्ञान का परीक्षण नहीं करता है. उदाहरण के लिये, PISA का विज्ञान परीक्षण तीन दक्षताओं को मापता है- वैज्ञानिक घटनाओं को समझने की क्षमता, डेटा एवं साक्ष्यों की वैज्ञानिक व्याख्या तथा वैज्ञानिक जिज्ञासाओं को डिज़ाइन और मूल्यांकन करने की क्षमता.


आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD)
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) 35 सदस्य देशों का अंतरसरकारी आर्थिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1961 में आर्थिक प्रगति और विश्व व्यापार को प्रोत्साहित करने हेतु की गई थी. अधिकांश ओईसीडी सदस्य उच्च आय वर्ग अर्थव्यवस्थाएं हैं, जिनकी मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) बहुत उच्च हैं, और विकसित देशों के रूप में माना जाता है. ओईसीडी के मुख्यालय फ्रांस के पेरिस शहर में हैं. ओईसीडी को सदस्य देशों से प्राप्त योगदान द्वारा वित्त पोषित किया जाता है.

 

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