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भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक अग्नि-5 का 10 दिसंबर 2018 को सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण दोपहर एक बजकर तीस मिनट पर किया गया है. यह इस मिसाइल का सातवां परीक्षण किया गया है.

5500 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-5 मिसाइल का यह परीक्षण ओडिशा के समुद्री तट पर किया गया. अग्नि-5 की मिसाइल की रेंज चीन, यूरोप और पाकिस्तान आ चुके हैं. अग्नि 5 तकनीक के मामले में भी अत्याधुनिक है क्योंकि इसमें नेवीगेशन, गाइडेंस, वॉरहेड और इंजन की अत्याधुनिक सुविधाएं हैं.

अग्नि-5 की विशेषताएं

•    अग्नि-5 की लंबाई 17.5 मीटर है, यह 2 मीटर चौड़ी है जबकि इसका वजन  50 टन है.

•    अग्नि-5 मिसाइल डेढ़ टन विस्फोटक ढोने की ताकत रखती है. इसकी गति ध्वनि की गति से 24 गुना अधिक है.

•    इससे पहले अग्नि-5 का सफल परीक्षण 2012, दूसरा 2013, तीसरा 2015, चौथा 2016, पांचवां जनवरी 2018, छठां जून 2018 एवं सातवां सफल परीक्षण अब किया गया है.

•    अग्नि-5 मिसाइल 3 चरणों में मार करने वाली मिसाइल है.

•    इस मिसाइल को लक्ष्य बिंदु को सटीकता से भेदने के लिए डिजाइन किया गया है. यह मिसाइल उसमें लगे कंप्यूटर से निर्देशित होगा.

•    पृथ्वी और धनुष जैसी कम दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइल के अलावा भारत के मिसाइल बेड़े में अग्नि 1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइल भी हैं.

टिप्पणी

ऐसा माना जाता है कि भारत द्वारा अग्नि 1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइलों को पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जबकि अग्नि-4 एवं अग्नि-5 मिसाइल को चीन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. भारत के अग्नि 5 विकसित करने से यह मिसाइल उत्तरी चीन के लक्ष्य को भेदने में सक्षम बतायी गई है. इससे भारत इंटर कंटीनेन्टल बैलेस्टिक मिसाइल रखने वाले सुपर एक्सक्लूसिव क्लब में शामिल हो चुका है.

 

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