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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोबिलिटी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर 2018 को नई दिल्ली में विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस मौक़े पर प्रधानमंत्री ने आधुनिक यातायात व्यवस्था से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया.

नीति आयोग ने दो दिवसीय शिखर सम्‍मेलन का आयोजन दिल्ली के विज्ञान भवन में किया है. सम्मेलन में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत वैश्विक मोबिलिटी क्षेत्र में अहम योगदान देगा.

नीति आयोग के कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि बढते प्रदूषण के ख़तरे के मद्देनज़र नयी तकनीक आधारित वाहनों का इस्तेमाल ज़रुरी है. साथ ही सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सुविधा और इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूगता फैलाने की आवश्यकता है.

                                    उद्देश्य:

इस सम्मेलन का मकसद भारत में परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाना और मोबिलिटी के साधनों को और संपर्कशील और बेहतर बनाना है.

शिखर सम्मेलन का मकसद देश में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विकसित करने पर ज़ोर देना है. सम्मेलन का मकसद विश्व में मोबिलिटी क्षेत्र में हो रहे अनुभव को सीखना भी है.

मुख्य तथ्य:

•  सम्मेलन में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और साझा मोबिलिटी को प्रोत्साहन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. नीति आयोग ने 7-8 सितंबर के शिखर सम्मेलन का आयोजन किया है.

•  सम्मेलन का मक़सद ज़रुरतों के मुताबिक़ परिवहन व्यवस्था को तैयार करना है. साथ ही यातायात के साधन के बीच आसान संपर्क बनने पर भी ज़ोर है. ताकि आवाजाही सुगम हो और लोग आसानी से बस से मेट्रो,मेट्रो से रेल और हवाई अड्डे तक आ जा सकें.

•  इसका ज़ोर ईंधन की ख़पत को कम करना,सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी है.

•  प्रदर्शनी में दुनिया की परिवहन कंपनियों ने हिस्सा लिया. इन कंपनियों ने भविष्य में बढ़ती ज़रुरतों के मद्देनज़र विनिर्माण और स्वच्छ ईंधन की खपत वाले करने वाले वाहनों का भी खाका रखा. ये वाहन स्पीड के साथ-साथ सुरक्षित,स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल भी होंगे.

•  इस कार्यक्रम में दुनियाभर से करीब 2,200 भागीदार शिरकत कर रहे हैं. इनमें सरकारों, उद्योग, शोध संगठनों, अकादमियों और समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं.

•  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, जापान, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, न्यू जीलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी और ब्राजील के दूतावासों तथा निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं.

•  सम्‍मेलन के दौरान विभिन्‍न अंतर सरकारीय संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, भारत और विदेश के नीति विचारक, ओईएम जैसे मोबिलिटी क्षेत्र के वैश्विक नेता, बैटरी निर्माता, चार्जिंग संरचना प्रदाता, प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता मोबिलिटी बढ़ाने के बारे में अपने विचारों का आदान-प्रदान किया.

पहला शिखर सम्‍मेलन:

ग्‍लोबल मोबिलिटी शिखर सम्‍मेलन अपनी तरह का पहला शिखर सम्‍मेलन है. देश में यातायात और परिवहन को आधुनिक,पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए 22 राज्यों के एक्शन प्लान को सम्मेलन के दौरान ही 08 सितम्बर 2018 को रखा जाएगा. इस प्लान में सभी केन्द्र शासित राज्यों सहित 36 राज्यों को विचारों को सम्मिलित किया गया है.

7C फॉर्मूला:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में गतिशीलता का भविष्य सात सी (7C) पर निर्भर करेगा. इसमें कॉमन (आम आदमी), कनेक्टेड (जुड़ाव), कन्वेनिएंट (सुविधाजनक), कंजेशन-फ्री (बाधा रहित), चार्ज, क्लीन (साफ) और कटिंग-एज (विकास के नए तरीके).

यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन 2018 का आयोजन किया गया  

 
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