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भारत के चिड़ियाघर में जन्मे पहले हम्बोल्ट पेंगुइन का निधन

मुंबई स्थित भायखला चिड़ियाघर में 15 अगस्त 2018 को जन्में देश के पहले पेंगुइन का 26 अगस्त 2018 को निधन हो गया. हम्बोल्ट प्रजाति के इस पेंगुइन का जन्म वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ था. स्वतंत्रता दिवस के दिन जन्म के कारण इसका नाम फ्रीडम बेबी रखा गया था. फ्रीडम बेबी की मृत्यु जन्मजात विसंगतियों जैसे यकृत शिथिलता के कारण हुई.

वर्ष 2017 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से आठ हम्बोल्ट पेंगुइन को मुंबई के भायखला चिड़ियाघर में लाया गया था. इनमे से साढ़े चार साल की मादा हम्बोल्ट पेंगुइन फ्लीपर ने मोल्ट के साथ मिलकर पांच जुलाई को एक अंडा दिया था जिससे इस पेंगुइन का जन्म हुआ.

मुख्य बिंदु

•    पेंगुइन आम तौर पर साढ़े तीन साल की उम्र में अंडे देते है , लेकिन फ्लीपर साढ़े चार साल की मादा हम्बोल्ट है और 21 जुलाई को मोल्ट तीन साल का हो जाएगा.

•    इनके लिए मुंबई में भायखला चिड़ियाघर में रहने के लिए विशेष बंदोबस्त किये गए थे.

•    इस चिड़ियाघर में मौजूद सात पेंगुइन में से मोल्ट सबसे छोटा है और फ्लिपर इस दल में सबसे बड़ी है. नन्हा चूजा इन दोनों की ही संतान है.

•    मार्च-अप्रैल और अक्टूबर-नवंबर पेंगुइन प्रजनन के मौसम होते है. चिड़ियाघर के अधिकारियों ने नवजात चूजे की तस्वीर और एक छोटा वीडियो भी जारी किया है लेकिन इसे अभी आम जनता को देखने की अनुमति नहीं होगी.

हम्बोल्ट पेंगुइन

•    हम्बोल्ट पेंगुइन को पेरुवियन पेंगुइन भी कहा जाता है. यह दक्षिण अमेरिकी पेंगुइन है जो चिली और पेरू के तटवर्ती इलाकों में पाया जाता है.

•    यह मध्यम आकार के पेंगुइन होते हैं जिनका आकार 56 से 70 सेंटीमीटर (22-28 इंच) होता है तथा इनका वजन 3.6-5.9 किलोग्राम तक होता है.

•    इनके सिर एवं शरीर के ऊपरी भाग का रंग गहरा होता है तथा छाती पर भी काला बैंड होता है.

•    जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी गिनती तेजी से घट रही है. एक अनुमान के अनुसार विश्व भर में इस पेंगुइन की जनसंख्या 10,000 तक रह गयी है.

•    अमेरिका ने इसे वर्ष 2010 में लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम के तहत अधिसूचित किया था.

 

यह भी पढ़ें: केंद्रीय रेशम बोर्ड ने रेशम कीट के अंडों की नई प्रजातियों को अधिसूचित किया

 
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