सिंधु नदी डॉल्फिन को पंजाब का राजकीय जलीय जीव घोषित किया गया

ब्यास नदी में पाई जाने वाली सिंधु नदी डॉल्फिन को हाल ही में पंजाब राज्य का राजकीय जलीय जीव घोषित किया गया. पंजाब में पाई जाने वाली यह डॉल्फिन लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है. पंजाब सरकार ने इसे हाल ही में राज्य जलीय जीव घोषित करने की मंजूरी दे दी है.

वन्य जीव के बारे में प्रांतीय बोर्ड की दूसरी मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि सिंधु डॉल्फिन एक दुर्लभ जलीय जीव है जो ब्यास नदी की पर्यावरण प्रणाली के संरक्षण के लिए एक उप-जाति है.

सिंधु नदी डॉल्फिन

•    सिंधु नदी डॉल्फिन ताजे पानी के डॉल्फिन में दूसरा सर्वाधिक संकटापन्न प्रजाति है.

•    सिंधु नदी (पाकिस्तान) में इसकी संख्या 1800 है और ब्यास नदी में इसकी संख्या महज 8 से 10 है.

•    विश्व में नदी डॉल्फिन की केवल सात प्रजातियां और उपप्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें से सिंधु नदी डॉल्फिन भी एक है.

•    यह विश्व के सर्वाधिक दुर्लभ स्तनधारी जीवों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि डॉल्फिन देख नहीं सकती है.

•    ऐसा कहा जाता है इन मछलियों का उद्भव प्राचीन टेथिस सागर में हुआ था और उसके सूख जाने के पश्चात वहीं के पास की नदियों को अपना पर्यावास बना लिया.

•    इसका वैज्ञानिक नाम प्लैटेनिस्ता माइनर (Platanista minor) है.

 

विश्व में ताजे पानी की डॉल्फिन

आमेजन नदी डॉल्फिन (बोटो या पिंक रिवर डॉल्फिन), टुकुक्सी (भूरे रंग की आमेजन नदी डॉल्फिन), गंगा नदी डॉल्फिन (सुसु), सिंधु नदी डॉल्फिन (भूलन), इरावदी नदी डॉल्फिन, यांग्त्जी नदी डॉल्फिन.



राज्य सरकार के अन्य निर्णय

•    मुख्यमंत्री ने ब्यास नदी में पानी के अनियमित बहाव का गंभीर नोटिस लेते हुए 5 हजार  से 6 हजार क्यूसिक पानी का न्यूनतम बहाव यकीनी बनाने के लिए जल स्रोत विभाग को निर्देश जारी किए.

•    उन्होंने छतबीड़ चिड़ियाघर के लिए अफ्रीकी देशों से जेबरा, जिराफ, चिंपेंजी और गोरिल्ला जैसे जीवों को आयात करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए वन्य जीव विभाग को आज्ञा दे दी.

•    सीएम ने ब्यास में घड़ियाल छोड़े जाने के प्रोजेक्ट की प्रशंसा करते हुए हरीके पत्तन में कछुआ हैचरी स्थापित करने की मंजूरी देने के अलावा ब्यास में और घडिय़ाल छोड़े जाने को भी मंजूरी दी ताकि इन उच्च दुर्लभ जातियों के संरक्षण को यकीनी बनाया जा सके.  

•    शिवालिक और इसके आसपास सेम वाले क्षेत्रों में इको टूरिज्म को विकसित करने के लिए सीएम ने इस क्षेत्र में निजी तौर पर काम करने वाली प्रमुख हस्तियों के साथ तालमेल से कर्नाटक मॉडल के जंगल लॉज लागू करने के लिए वन्य जीव विभाग को कहा है.


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