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आकाशगंगा के ब्लैक होल के नजदीक तारे की खोज की घोषणा

अमेरिका के खगोलविदों ने आकाशगंगा के विशालकाय ब्लैक होल से तीन प्रकाश वर्ष दूर 11 प्रोटोस्टार की खोज की है. नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, अमेरिका के शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्लैक होल से निकलने वाला बल ज्वार भाटा के बराबर होता है जो तारे के निर्माण से पहले ही धूल और गैस से भरे बादल को अलग कर देता है.

अब इस खोज से पता चलता है कि सूर्य जैसे तारों का निर्माण प्रतिकूल क्षेत्र में भी हो सकता है. प्रोटोस्टार की खोज चिली स्थित एएलएमए बेधशाला की मदद से की गई. इन विकसित हो रहे युवा तारों की उम्र करीब छह हजार साल है. एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित शोध के मुख्य वैज्ञानिक युसूफ जादेह ने कहा, ‘यह खोज अहम इसलिए है कि क्योंकि हमने सबसे प्रतिकूल परिस्थितियों में तारों के निर्माण के आरंभिक चरण की पहचान करने में सफलता पाई है.


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विदित हो कि प्रोटोस्टार गैसीय बादल से तारे के निर्मित होने के बीच का चरण है. यह वजन में हल्का होता है.

आकाशगंगा से संबंधित मुख्य तथ्य
आकाशगंगा या मन्दाकिनी हमारी गैलेक्सी को कहते हैं, जिसमें पृथ्वी और हमारा सौर मण्डल स्थित है. आकाशगंगा आकृति में एक सर्पिल (स्पाइरल) गैलेक्सी है, जिसका एक बड़ा केंद्र है. आकाशगंगा में 100 अरब से 400 अरब के बीच तारे हैं और अनुमान लगाया जाता है कि लगभग 50 अरब ग्रह होंगे, जिनमें से 50 करोड़ अपने तारों से जीवन-योग्य तापमान रखने की दूरी पर हैं. हमारा सौर मण्डल आकाशगंगा के बाहरी इलाक़े में स्थित है और आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा कर रहा है.

ब्लैकहोल से सम्बंधित मुख्य तथ्य

सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, ब्लैक होल ऐसी खगोलीय वस्तु होती है जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिंचाव से बच नहीं सकता. ब्लैक होल में एक-तरफी सतह होती है जिसे घटना क्षितिज कहा जाता है, जिसमें वस्तुएं गिर तो सकती हैं परन्तु बाहर कुछ भी नहीं आ सकता. इसे "ब्लैक (काला)" इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी रिफ्लेक्ट (प्रतिबिंबित) नहीं करता.

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