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अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 03 दिसंबर को मनाया गया

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस: 03 दिसंबर

विश्वभर में 03 दिसंबर 2018 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाया गया. इस दिवस का विषय –  दिव्यांग लोगों के समावेशी, समान और सतत विकास को सशक्त करने पर केंद्रित है. इस दिवस का उद्देश्य दिव्यांग लोगों के बेहतर भविष्य के लिए प्रयासरत रहना भी है.

दिव्यांग लोगों के प्रति सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र हर साल 03 दिंसबर को 'विश्व दिव्यांग दिवस' मनाता है. हर साल इससे संबंधित अलग-अलग थीम रखी जाती है.

समाज में आज भी दिव्यांगता को एक कलंक के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में लोगों में दिव्यांगता मामले की समझ बढ़ाने, दिव्यांगजनों के सामाजिक सम्मान की स्थापना, उनके अधिकारों और कल्याण पर ध्यान केंद्रित कराने के उद्देश्यों के लिए यह दिवस काफी ही महत्वपूर्ण है.

दिव्यांग दिवस मनाने के उद्देश्य:

दिव्यांग दिवस मनाने के पीछे दिव्यांगता को सामाजिक कलंक मानने की धारणा से लोगों को दूर करने का प्रयास है. इसे समाज में दिव्यांगों की भूमिका को बढ़ावा देने, उनकी गरीबी को कम करने, उन्हें बराबरी का मौका दिलाने तथा उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा पर ध्यान केंद्रित करने जैसी कोशिशों हेतु भी मनाया जाता है. इस दिन कला प्रदर्शनी, खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा दिव्यांगों के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिश की जाती है.

                                                       2030 के अजेंडा पर आधारित है थीम:

इस साल की थीम '2030 अजेंडा ऑफ सस्टेनेबल डलपमेंट' पर आधारित है. इस अजेंडा का प्रमुख उद्देश्य 'किसी को पीछे नहीं छोड़ना' है. यह अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी द्वारा शांतिपूर्ण और समृद्ध दुनिया के लिए किया जाने वाला एक प्रयास है जहां व्यक्तिगत समानता और व्यक्तिगत गरिमा इसके मौलिक सिद्धांतों में शामिल है. साथ ही इस अजेंडा का प्रमुख लक्ष्य समाज के सभी क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों की पूर्ण और समान भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है.

दिव्यांगों हेतु कानून:

दिव्यांगजनों से भेदभाव किए जाने पर दो साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. भारतीय कानून में इनके लिए आरक्षण की व्यवस्था भी की गई है. पहले दिव्यांगजनों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है.

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस:

•    इस दिवस का आयोजन वर्ष 1992 से संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया जा रहा है.

•    इस दिवस का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों की दिक्कतों को समझना, उनके अधिकारों के लिए कार्य करना तथा उन्हें सशक्त बनाना है.

•    विकलांगों की दुर्दशा को ध्यान में रखते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2006 में 'विकलांग लोगों के अधिकारों पर कन्वेंशन' को अपनाया. कुल मिलाकर 160 देशों ने कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए हैं.

•    वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, हमारे देश में दिव्यांगजों की संख्या 2.68 करोड़ हैं.

•    दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण हेतु योजनाओं और कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत एक नये विभाग का शुभारंभ वर्ष 2012 में किया गया.

•    दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए कई नई योजनाएं और कार्यक्रमों की भी शुरूआत की गई है.

•    इस दिवस का अन्य प्रयोजन दिव्यांग लोगों को राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल करना है.

यह भी पढ़ें: विश्व एड्स दिवस 2018 विश्वभर में मनाया गया

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