इसरो और डीआरडीओ ने ‘गगनयान’ मिशन हेतु सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ‘गगनयान’ मिशन के लिए मानव केंद्रित प्रणालियां विकसित करने हेतु सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये है.

मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) के निदेशक डॉ. एस. उन्नीकृष्णन नैयर की उपस्थिति में डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के साथ समझौता किए हैं. इन समझौतो के तहत मानव अंतरिक्ष मिशन से जुड़ी तकनीक तथा मानव केंद्रित प्रणालियां मुहैया कराई जाएंगी.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डीआरडीओ की ओर से इसरो को कुछ अहम तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी. इनमें अंतरिक्ष में भोजन संबंधी तकनीक, अंतरिक्ष जाने वाले दल की सेहत पर निगरानी, सर्वाइवल किट, विकिरण मापन और संरक्षण तथा पैराशूट इत्यादि शामिल हैं.

डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने इस मौके पर कहा कि रक्षा अनुप्रयोगों हेतु डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं की मौजूदा तकनीकी क्षमताओं को इसरो के मानव अंतरिक्ष मिशन की जरूरतों के हिसाब से ढाला जाएगा. डीआरडीओ मानव अंतरिक्ष मिशन हेतु इसरो को सभी आवश्यक सहयोग मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

गगनयान मिशन

इसरो ने साल 2022 में भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने से पहले मानव के अंतरिक्ष में पहुंचने की क्षमता प्रदर्शित करने का लक्ष्य बनाया है.

गगनयान एक भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष यान है. अंतरिक्ष कैप्सूल को तीन लोगों को ले जाने हेतु तैयार किया गया है. इसे उन्नत संस्करण डॉकिंग क्षमता से लैस किया जाएगा.

यह अपनी पहली मानवयुक्त मिशन में, 3.7 टन का कैप्सूल तीन व्यक्ति दल के साथ सात दिनों के लिए 400 किमी (250 मील) की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करेंगे. कक्षीय वाहन को इसरो के भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क-3 पर लॉन्च करने की योजना है.

यह भी पढ़ें: भारत ने हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल का सफल परीक्षण किया

करेंट अफेयर्स ऐप से करें कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी,अभी डाउनलोड करें| Android|IOS

Related Categories

Popular

View More