जापान ने आईडब्ल्यूसी से अलग होने का फैसला किया

जापान ने 26 दिसंबर 2018 को कहा कि वह इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन (आईडब्ल्यूसी) से हट रहा है और अगले साल (वर्ष 2019) से व्हेल पकड़ने का व्यावसायिक काम फिर शुरू करेगा.

इस घोषणा की संभावना पहले से ही व्यक्त की जा रही थी. जापान इस साल की शुरूआत में व्यावसायिक व्हेलिंग फिर शुरू करने की अनुमति देने के लिए आईडब्ल्यूसी को मना नहीं पाया था जिसके बाद उसने यह कदम उठाया. जापानी सरकार के एक शीर्ष प्रवक्ता ने कहा की हमने अगले साल जुलाई में व्यावसायिक व्हेलिंग फिर शुरू करने के लिए आईडब्ल्यूसी से हटने का फैसला किया है.

 

योजना पर विचार करने का आग्रह:

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने जापान से व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए व्‍हेल का शिकार शुरू करने की योजना पर एक बार फिर विचार करने का आग्रह किया था. आस्ट्रेलिया आईडब्ल्यूसी में बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है और व्‍हेल के संरक्षण और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अंतराष्ट्रीय संगठन की अहम भूमिका को स्वीकार करता है.

 

अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) के अनुसार:

दुनियाभर में व्‍हेल को संरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की स्थापना वर्ष 1966 में की गई थी. वर्ष 2002 में आए एक अनुमान के अनुसार, दुनिया भर में 5,000 से 12,000 तक ही व्हेल बची थीं.

अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) का अनुमान है कि इनकी संख्या शायद 10,000 से 25,000 के बीच है. शिकार से पहले इनकी सबसे बड़ी आबादी अंटार्कटिक में थी. जो लगभग 2,02,000 से 3,11,000 के आसपास थी.

इसके अलावा पूर्वी उत्तरी प्रशांत, अंटार्कटिक, और हिंद महासागर में इनकी संख्‍या लगभग 2000 के आसपास थी. वर्ष 2014 में कैलिफोर्निया के नीली व्हेल की आबादी में तेजी दर्ज की गई और यह लगभग अपने शिकार से पूर्व की आबादी तक पहुंच गई.

 

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद:

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद नागरिकों की प्रोटीन जरूरतें पूरी करने के लिए व्हेल के शिकार में तेजी आई थी. जापान में रात के खाने में व्हेल का मीट ज्यादा इस्तेमाल होता है. लेकिन हाल के वर्षों में व्हेल मीट खाने वालों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है. इसका एक कारण इसके शिकार पर लगा प्रतिबंध भी था.

 

व्हेल से संबंधित कुछ खास तथ्‍य:

समुद्र में रहने वाले प्राणियों में व्हेल एक विशाल स्तनपायी प्राणी है. इनकी लंबाई 115 फुट और वजन 150 से 170 टन तक होता है.

स्तनधारी प्राणियों की तरह व्हेल हवा में सांस लेती है. इनका खून गर्म होता है और यह बच्चों को दूध पिलाती हैं.

व्हेल की चमड़ी मोटी होती है, जिसे ब्लबर कहा जाता है. यहां यह ऊर्जा को इकट्ठा करती है. इसकी गर्दन बहुत लचीली होती है, जो तैरते वक्त गोल घूम सकती है.

जब ब्लोहोल्स से व्हेल सांस लेती है तो उसके साथ काफी मात्रा में पानी भी उसके फेफड़ों में जमा हो जाता है जिसे बाद में फव्वारे के रूप में वापस बाहर कर देती है.

व्हेल की पूंछ के अंत में दो सिरे उसे तैरते समय मुड़ने में सहायक होते हैं.व्हेल अपनी दूसरे साथियों से संपर्क करते समय एक मधुर ध्वनि निकालते हैं, जिसे व्हेल सांग कहा जाता है. यह ध्वनि बहुत तेज होती है.

 

इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन (आईडब्ल्यूसी):

   आईडब्ल्यूसी द्वारा वर्ष 1986 में व्‍हेल की कुछ प्रजातियों को लगभग विलुप्त होने के बाद वाणिज्यिक व्हेलिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. जापान वर्ष 1951 से आईडब्‍ल्‍यूसी का एक सदस्य है.

   व्हेल का मांस खाना जापान की संस्कृति का हिस्सा है. व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन पर 02 दिसंबर 1946 को वॉशिंगटन डीसी में हस्ताक्षर किए गए थे.

•   सम्मेलन का उद्देश्य नियमों की स्थापना करने के लिए आईडब्ल्यूसी की क्षमता को स्थापित करना था. इस पर 2 दिसंबर, 1946 को वाशिंगटन, डीसी में 15 देशों ने हस्ताक्षर किए और 10 नवंबर 1948 से यह प्रभावी हो गया था.

   समझौते के उद्देश्यों में अत्यधिक शिकार से सभी व्हेल प्रजातियों का संरक्षण करना, व्हेल मछली पालन के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमन की एक प्रणाली की स्थापना करना है, जिससे व्हेल भंडारणों का उचित संरक्षण और विकास सुनिश्चित हो सके और व्हेल भंडारणों द्वारा भविष्य की पीढ़ियों, महान प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा का प्रतिनिधत्व करना शामिल है.

   इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्राथमिक साधन है जिसकी स्थापना सम्मेलन के अनुसार की गयी थी.

 

आईडब्ल्यूसी से बाहर:

जापानी सरकार के मुख्य प्रवक्ता के अनुसार जापान करीब 30 वर्ष के बाद 30 जून 2019 को इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन (आईडब्ल्यूसी) से बाहर निकल जाएगा और अगले महीने से व्यावसायिक व्हेलिंग शुरू कर देगा. इस कदम की ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने निंदा की है. आईडब्ल्यूसी ने सितंबर 2018 में व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए ह्वेल का शिकार करने की जापान की मांग को अस्वीकार कर दिया था.

 

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