झारखंड सरकार 28 लाख किसानों को मुफ्त में देगी मोबाइल फोन

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 29 नवम्बर 2018 को कहा कि राज्य के 28 लाख किसानों को बिचौलियों से बचाने और नई जानकारियों से लैस करने के मकसद से सरकार अगले तीन वर्षों (2019/2021) में इन सभी को मुफ्त मोबाइल फोन देगी.

मुख्यमंत्री ने 29 नवम्बर 2018 को रांची में अंतरराष्ट्रीय कृषि और खाद्य शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया. उन्होंने इस अवसर पर कहा की राज्य के किसानों को बिचौलियों से मुक्ति प्रदान करने, बाजार में पल-पल चीजों के भाव से अवगत कराने और समय के अनुरूप अपने फसल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के 28 लाख किसानों को सरकार निःशुल्क मोबाइल फोन प्रदान करेगी.

मुख्य तथ्य:

•   राज्य सरकार कृषि कार्य हेतु मई 2019 तक किसानों के लिए अलग बिजली फीडर की व्यवस्था करेगी, जहां से छह घंटे कृषि कार्य के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति होगी.

•   सरकार की उद्देश्य किसानों के लिए अलग फीडर, उद्योग के लिए अलग फीडर और आम जनता के लिए अलग फीडर लगाने की है, जिस पर कार्य हो रहा है. दिसंबर 2018 तक सुदूरवर्ती सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी.

•   किसानों को मध्‍यस्‍थता को दूर रखने के लिए मोबाइल फोन दिए जाएंगे और किसानों को बाजार के बारे में अधिक जानकारी रखने में भी मदद मिलेगी.

•   झारखंड सरकार ने बेहतर फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी बनायी है, इससे एक ओर जहां किसान और उपभोक्ता जुड़ेंगे. वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसरों का सृजन होगा.

मुख्यमंत्री ने किसानों को सुझाव दिया:

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा की किसान सिर्फ सब्जी उत्पादन में ही केंद्रित न रहें. कृषि कार्य के साथ बागवानी, पशुपालन और सोलर फार्मिंग में भी ध्यान दें.

सरकार इन कार्यों में आपको सहयोग प्रदान करेगी. सोलर फार्मिंग करने वाले किसानों की बिजली तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीद ली जाएगी. अगर किसान खेती के साथ अन्य व्यावसायिक आयामों को भी साथ लेकर कार्य करते हैं तो 2022 तक किसानों की आय दोगुना नहीं चार गुना हो सकती है.

नौजवान किसान डेयरी उद्योग की ओर ध्यान दें. उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान पर गाय उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 हजार महिलाओं को 90 प्रतिशत अनुदान पर दो गायें उपलब्ध कराई हैं.

इसके अतिरिक्त, अगर कोई किसान कृषि लोन का भुगतान अगर एक वर्ष के अंदर कर देता है तो उस किसान को ब्याज देने की जरूरत नहीं, उस ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी.

अन्य जानकारी:

कृषि और फूड प्रोसेसिंग उद्योग के क्षेत्र में झारखंड में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित ग्लोबल समिट में किसान प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, फूड प्रोसेसिंग व दुग्ध उत्पादन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि सहित कई विदेशी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया़.

झारखंड देश का दूसरा राज्य है जो इतने बड़े स्तर पर ग्लोबल एग्रीकल्चर और फूड समिट का आयोजन कर रहा है. इससे पहले केवल गुजरात में ही ऐसा आयोजन हुआ था.

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