Jagranjosh Education Awards 2021: Click here if you missed it!
Next

भारत के पहले जेंडर डाटा हब के लिए केरल सरकार और संयुक्त राष्ट्र महिला के बीच सहयोग

केरल की सरकार और संयुक्त राष्ट्र की महिलाओं ने देश के पहले लिंग डाटा हब की स्थापना के लिए सहयोग करने का निर्णय लिया है. इस उद्देश्य के लिए 21 दिसंबर, 2020 को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे.

इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से पहले, संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन के अधिकारियों ने केरल के स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय मंत्री के.के. शैलजा के साथ दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र हाउस में इस सहयोग के व्यापक ढांचे पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी.

यह जेंडर हब ऐसे लक्ष्य प्रस्तुत करता है जो जेंडर इक्वेलिटी पर नवंबर, 2015 में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से स्थापित किए गए थे. इन लक्ष्यों में अधिक सूक्ष्म डाटा एकत्र करना, विश्लेषण करना और नीति निर्माण के लिए इस डाटा को प्रस्तुत करना और इस डाटा का ऐसा उपयोग करना था जिसके केंद्र में महिलाओं के अधिकार हों.

जेंडर डाटा हब क्या होगा?

संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन और केरल राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की शुरुआत के लिए समझौते का आदान-प्रदान किया गया, जहां दक्षिण एशिया में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र की महिलाएं जेंडर पार्क में क्षमता निर्माण और परियोजना विकास की पेशकश करेंगी.

जेंडर डाटा हब की स्थापना के पीछे उद्देश्य

केरल के मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सहयोग केरल के जेंडर पार्क द्वारा शुरू की गई लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण के लिए विभिन्न अग्रणी पहलों को गहन और व्यापक बनाने में मदद करेगा जोकि केरल के सामाजिक न्याय विभाग द्वारा राज्य सरकार के तहत एक स्वायत्त निकाय, जेंडर पार्क के माध्यम से शुरू किया गया है.

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आगे यह कहा कि, सरकार का लक्ष्य लैंगिक समानता के लिए नीति और सामाजिक-आर्थिक पहल में निवेश करना है, जहां लिंग-संबंधी गतिविधियों के लिए, संयुक्त राष्ट्र की महिलाओं के साथ एक दक्षिण-एशियाई हब के रूप में यह जेंडर पार्क काम करेगा.

अपने इस सहयोग के बारे में बात करते हुए, संयुक्त राष्ट्र महिला उप-प्रतिनिधि, निष्ठा सत्यम ने यह कहा कि, हम एजेंडा 2030 को साकार करने के लिए और अपनाए गए लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लैंगिक अंतर को समाप्त करने के लिए भी समान साझेदार के तौर पर एक-साथ आए हैं.

समझौता ज्ञापन में शामिल हैं सहयोग के ये तीन क्षेत्र

केरल में जेंडर पार्क

इसे वर्ष, 2013 में केरल में लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में काम करने के लिए राज्य सरकार की एक पहल के तौर पर स्थापित किया गया था. लिंग न्याय पर मुख्य रूप से ध्यान देने के साथ, यह जेंडर पार्क अनुसंधान, नीति विश्लेषण, क्षमता विकास, वकालत, सामाजिक और आर्थिक पहल का एक मंच भी है.

Related Categories

Also Read +
x

Live users reading now