भारतीय सिनेमा के मशहूर संगीतकार 'खय्याम' का निधन

भारतीय सिनेमा के मशहूर संगीतकार मोहम्मद ज़हूर ख़य्याम हाशमी का 20 अगस्त 2019 को निधन हो गया. वे 93 साल के थे. उन्हें पिछले कुछ समय से सांस लेने में दिक़्क़त के वजह से मुंबई के जुहू में एक अस्पताल में इलाज चल रहा था.

खय्याम का पूरा नाम ‘मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी’ था लेकिन फिल्म जगत में उन्हें ‘खय्याम’ के नाम से प्रसिद्धी मिली थी. उन्‍हें 'कभी-कभी' तथा 'उमराव जान' जैसी फिल्मों के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.

प्रधानमंत्री मोदी का ट्वीट

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मशहूर संगीतकार खय्याम साहब के निधन से अत्यंत दुखी हूँ. उन्होंने अपनी यादगार धुनों से बहुत सारे गीतों को अमर बना दिया. उनके अप्रतिम योगदान हेतु फिल्म और कला जगत उनका हमेशा ऋणी रहेगा.

मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी के बारे में

• मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी का जन्म 18 फरवरी 1927 को पंजाब में हुआ था.

• उन्होंने अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत लुधियाना में साल 1943 में 17 वर्ष की आयु में की थी.

• उन्होंने साल 1953 में फुटपाथ फिल्म से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की.

• साल 1961 में आई फिल्म शोला और शबनम में संगीत देकर उनकी पहचान मिलनी शुरू हुई.

• उनकी पत्नी जगजीत कौर भी अच्छी गायिका हैं और उन्होंने ख़य्याम के साथ 'बाज़ार', 'शगुन' और 'उमराव जान' में काम भी किया है.

• उन्होंने 70 और 80 के दशक में कभी-कभी, त्रिशूल, ख़ानदान, नूरी, थोड़ी सी बेवफ़ाई, दर्द, आहिस्ता आहिस्ता, दिल-ए-नादान, बाज़ार, रज़िया सुल्तान जैसी फ़िल्मों में एक से बढ़कर एक गाने दिए थे.

मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी को कई सारे अवॉर्ड मिले

उन्हें अपने शानदार काम के लिए कई सारे पुरस्कार भी मिले हैं. उन्हें साल 2007 में संगीत नाटक एकेडमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वहीं उन्हें साल 2011 में भारत सरकार का तीसरा सर्वोच्‍च सम्‍मान पद्मभूषण दिया गया था. उन्हें ‘कभी-कभी’ और ‘उमराव जान’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड तथा ‘उमराव जान’ के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. उन्‍हें साल 2018 में पंडित हृदयनाथ मंगेशकर सम्‍मान से नवाजा गया था.

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