मयंक वैद एंडुरोमन रेस जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने

भारतीय एथलीट मयंक वैद ने विश्व की सबसे कठिन रेस 'एंडुरोमन ट्राइथलॉन' को जीतकर इतिहास रच दिया है. मंयक वैद यह रेस जीतने वाले पहले भारतीय ही नहीं, पहले एशियाई भी हैं. उन्होंने दुनिया की सबसे कठिन रेस एंडुरोमन ट्राइथलॉन को रिकॉर्ड समय में जीत लिया है.

मयंक वैद ने लगभग 463 किलोमीटर की इस रेस को पिछले रेकॉर्ड से को 2 घंटे 6 मिनट पहले पूरा कर नया विश्व रेकॉर्ड बनाया. उन्होंने इस रेस को 50 घंटे 24 मिनट में जीत लिया. यह रेस इससे पहले बेल्जियम के जूलियन डेनेयर ने 52 घंटे 30 मिनट में जीती थी.

एशिया के पहले और दुनिया के 44वें एथलीट

मयंक वैद यह रेस जीतने वाले एशिया के पहले तथा दुनिया के 44वें एथलीट बन गये. यह विश्व की सबसे पॉइंट टू पॉइंट (बिंदु से बिंदु) ट्राइथलॉन रेस है. विश्व में अब तक इसे केवल 44 लोग ही जीत सके हैं. यह वास्तव में विश्व की सबसे कठिन और क्रू ट्राइथलॉन है. इसमें रनिंग, स्वीमिंग और साइक्लिंग के जरिए इंग्लैंड से फ्रांस तक की यात्रा करनी होती है.

मयंक वैद का विश्व रिकॉर्ड

मयंक वैद ने दौड़ के लिए 16 घंटे 35 मिनट, तैराकी में 12 घंटे 48 मिनट तथा साइकिलिंग के लिए 13 घंटे 29 मिनट का समय लिया. मयंक ने साथ ही पहले ट्रांजिशन में 5 घंटे 12 मिनट तथा दूसरे ट्रांजिशन में 2 घंटे 20 मिनट का समय लिया. ट्रांजिशन वह समय होता है, जिसमें प्रतियोगी एक प्रतियोगिता से दूसरी तक पहुंचने हेतु समय लेता है.

एंडुरोमन ट्राइथलॉन क्या है?

एंडुरोमन ट्राइथलॉन प्रतिस्पर्धा की शुरुआत लंदन के मार्बल आर्च से डोवर के बीच 140 किमी की दौड़ से होती है. इसमें सफल होने वाले एथलीट को उसके बाद कम से कम 33.8 किमी की स्वीमिंग करनी होती है. इन दोनों चरणों में सफल होने के बाद 289.7 किमी की बाइक राइड फ्रांस के शहर कैलैस से आर्क डी ट्रौम्फ़ के बीच करनी होती है. इस प्रतिस्पर्धा को विश्व में सबसे कठिन माना जाता है.

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