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कोयला मंत्रालय एवं पोलैंड गणराज्य के ऊर्जा मंत्रालय के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

कोयला मंत्रालय ने 04 फरवरी 2019 को नई दिल्‍ली में पोलैंड गणराज्‍य के ऊर्जा मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए. समझौता ज्ञापन पर कोयला और खान राज्‍य मंत्री हरिभाई पर्थीभाई चौधरी और पोलैंड गणराज्‍य के ऊर्जा मंत्री ग्रेज़गोर्ज तोबीसजोवस्‍की ने हस्‍ताक्षर किए.

 

इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत लागू क्रिया कलापों की समीक्षा करने के लिए भागीदारों द्वारा सहमति वाले आपसी सहयोग के अन्‍य क्षेत्रों की पहचान की जाएगी.

 

उद्देश्य

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्‍य पहले से स्‍थापित संयुक्‍त कोयला कार्य समूह के साथ-साथ अनुसंधान संस्‍थानों और दोनों देशों के बीच निम्‍नलिखित क्षेत्रों को शामिल कर अध्‍ययन के जरिए कोयला खनन और स्वच्छ कोयला टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में संबंधों को बढ़ाना है.

कोयला क्षेत्र में व्‍यापार और निवेश को बढ़ाने, कोयले से जुड़े ऊर्जा संबंधी मुद्दों खासतौर से स्‍वच्‍छ कोयला प्रौद्योगिकियों की समझ बढ़ाने और नीतियों, कार्यक्रमों तथा प्रौद्योगिकी के बारे में सूचना के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, जिसमें विशेष जोर कोयला अन्‍वेषण और दोहन, अनुसंधान और विकास, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण पर होगा.

 

मुख्य बिंदु

  • इस समझौता ज्ञापन से स्‍वच्‍छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्‍यधिक लाभ मिलेगा और दोनों देशों को खनन और ऊर्जा के विभिन्‍न क्षेत्रों में व्‍यापार और निवेश बढ़ाने का अवसर मिलेगा.
  • इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत बनाया गया संयुक्‍त कार्य समूह एक निर्धारित समय पर समझौता ज्ञापन के उद्देश्‍यों को हाथ में लेने के लिए कार्य करेगा.
  • भारत में खनन के अन्‍य क्षेत्रों में सहयोग की काफी मजबूत संभावना है.
  • पोलैंड व्‍यावसायिक कूटनीतिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे कर चुके हैं और उन्‍होंने विभिन्‍न क्षेत्रों में सहयोग समझौतों को स्‍वरूप प्रदान किया है. इस समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर से इन प्रयासों को बल मिलेगा.

कोयला मंत्रालय

कोयला मंत्रालय का दायित्व आमतौर पर कोयला और लिग्नाइट के भंडारों की खोज और विकास से सम्बंधित नीतियां और रणनीतियां बनाना, उच्च मूल्य वाली महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत करना और अन्य सम्बद्ध मामलों पर निर्णय लेना है. इन महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन सार्वजनिक क्षेत्र के इसके उपक्रमों अर्थात कोल इंडिया लि. (सीआईएल) और नेयवेली लिग्नाइट कारपोरेशन (एलएलसी) लि. तथा सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लि. (एससीसीएल), जो आंध्र प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार का एक संयुक्त उद्यम है तथा जिसमें इक्विटी पूंजी का अनुपात 51:49 है, के माध्यम से किया जाता है.

 

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