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विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत की मीराबाई चानू ने जीता स्वर्ण पदक

सैखोम मीराबाई चानू, संयुक्त राज्य अमेरिका के आनाहिम में आयोजित विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में 194 किलोग्राम की कुल लिफ्ट के साथ भारत के लिए दो दशकों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गयी. यह चैंपियनशिप इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले रियो ओलंपिक खेल में उन्होंने बहुत ही निराशाजनक प्रदर्शन  किया था.

रियो ओलंपिक में महिलाओं की 48 किग्रा ग्रुप के  ‘क्लीन एंड जर्क’ अनुभाग के किसी भी तीन प्रयास में वह पूरा भार उठाने में नाकाम रही. बारह भारोत्तोलकों में से, वह दो भारोत्तोड़कों में से एक थीं जिन्होंने अपने कार्यक्रम (DNF) को समाप्त नहीं किया था.

इससे पहले, 1994 और 1995 में केवल कर्णम मल्लेश्वरी, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, ने दो बार विश्व चैम्पियनशिप में शीर्ष पुरस्कार जीता था.

डोपिंग से संबंधित मुद्दों के कारण दुनिया के कुछ शीर्ष भारोत्तोलन देशों जैसे रूस, चीन, कजाखस्तान, यूक्रेन और अज़रबैजान प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके.

विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में थाईलैंड की सुकचारोन तुनिया ने 193 किलोग्राम की कुल लिफ्ट के साथ रजत और सेगुरा अना इरिस ने 182 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता.


श्रीकांत और सिंधु ‘इंडियन स्पोटर्स ऑनर’ पुरस्कार से सम्मानित

मीराबाई चानू के बारे में

मणिपुर की रहने वाली सखोम मीराबाई चानू विश्व भारोत्तोलन चैम्पियनशिप 2017 से पहले 2014 ग्लासगो में पदक और  राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किलो वजन वर्ग में रजत पदक जीता था. इसी प्रतियोगिता में अन्य भारतीय भारोत्तोलक खुमुकैम संजीता ने स्वर्ण पदक जीता था.

भारतीय रेलवे के साथ काम करने वाले चानू ने महिलाओं की 48 किग्रा में 194 किलोग्राम की कुल लिफ्ट के साथ एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया.

बद्री नारायण शर्मा राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त

 

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