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मोंटेक अहलूवालिया विश्व बैंक, IMF के उच्च स्तरीय सलाहकार समूह के सदस्य नामित

Anjali Thakur

मोंटेक सिंह अहलूवालिया को जलवायु परिवर्तन और COVID-19 महामारी से उत्पन्न इस दोहरे संकट के बीच, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय सलाहकार समूह (HLAG) के सदस्य के तौर पर नामित किया गया है.

मोंटेक सिंह अहलूवालिया सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (CSEP) के प्रतिष्ठित फेलो और भारत के योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष हैं.

जलवायु परिवर्तन और COVID-19 महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों को दूर करने के लिए 15 जून को विश्व बैंक समूह और IMF द्वारा एक उच्च-स्तरीय सलाहकार समूह का गठन किया गया था.

उद्देश्य

इस उच्च स्तरीय सलाहकार समूह का मुख्य उद्देश्य आने वाले दशक में एक मजबूत बहाली (रिकवरी) को सुरक्षित करने के साथ-साथ हरित, लचीले और समावेशी विकास के लिए एक मार्ग निर्धारित करने में मदद करना है.

रचना

• इस समूह का नेतृत्व विश्व बैंक के विकास नीति और भागीदारी प्रबंध निदेशक मारी पेंगेस्टु, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के लॉर्ड निकोलस स्टर्न और IMF के निदेशक, रणनीति, नीति और समीक्षा विभाग, सेला पजारबासियोग्लू करेंगे.
• IMF की आर्थिक सलाहकार और अनुसंधान विभाग की निदेशक गीता गोपीनाथ इस समूह के अन्य सदस्यों में से एक हैं.

मोंटेक अहलूवालिया के बारे में

• मोंटेक सिंह अहलूवालिया एक भारतीय अर्थशास्त्री और सिविल सेवक हैं, जिन्होंने भारत के योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष के तौर पर कार्य किया था.
• वे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद वर्ष, 1968 में विश्व बैंक में शामिल हुए थे.
• उन्होंने सरकार में एक सिविल सेवक के तौर पर कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है, जिसमें प्रधानमंत्री के विशेष सचिव, वित्त सचिव, वाणिज्य सचिव, वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव के तौर पर उनके कार्य शामिल हैं.
• उन्हें वर्ष, 1998 में योजना आयोग के सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया था.
• वे वर्ष, 1979 में भारत लौट आए और फिर, उन्होंने वित्त मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार का पद संभाला. 
• उन्हें वर्ष, 1998 में योजना आयोग के सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया था.
• उन्हें IMF बोर्ड द्वारा वर्ष, 2001 में नव निर्मित स्वतंत्र मूल्यांकन कार्यालय के पहले निदेशक के तौर पर भी चुना गया था.
• उन्होंने जून, 2004 में योजना आयोग के उपाध्यक्ष का पद संभालने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
• इस अर्थशास्त्री ने भारतीय आर्थिक सुधार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने 11वीं योजना (2007-08 से 2011-12) और 12वीं योजना (2012-13 से 2016-17) की तैयारी का पर्यवेक्षण भी किया था.
• उन्हें वर्ष, 2011 में सार्वजनिक सेवा के लिए भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रतिष्ठित पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

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