मोती बाग: भारतीय किसान के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ऑस्कर के लिए नामित

मोती बाग, उत्तराखंड के किसान के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म को ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया है. निर्मल चंद्र डंडरियाल द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री फिल्म, विद्यादत्त शर्मा नामक एक किसान के जीवन पर आधारित है, जो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक दूरदराज के गांव से संबंधित है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 17 सितंबर 2019 को यह जानकारी साझा की गई. उन्होंने फिल्म के ‘ऑस्कर’ की रेस में पहुंचने पर खुशी जाहिर की. उन्होंने फिल्म के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल को बधाई देते हुए कहा कि फिल्म गांव के युवाओं को उनके गांवों में रहने और उनके समुदायों में योगदान करने हेतु प्रेरित करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म दूरदराज के क्षेत्रों से पलायन रोकने में मदद करेगी.

मोती बाग: डॉक्यूमेंट्री फिल्म के बारे में

मोती बाग एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म है. यह फिल्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक दूरदराज के गाँव के किसान विद्यादत्त शर्मा के जीवन पर आधारित है. फिल्म यह दर्शाता है कि 83 वर्षीय विद्यादत्त शर्मा अपने खेत को जीवित रखने तथा निर्जन पहाड़ी भूमि तक कैसे संघर्ष करते हैं.

इस फिल्म में उत्तराखंड के किसानों की दुर्दशा, रोजगार, पलायन, बागवानी, मधुमक्खी पालन, जल संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को दिखाया गया है. यह फिल्म उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के दूरदराज के गांवों से लोगों के प्रवास के मुद्दे पर प्रकाश डालती है. फिल्म में देश के कोने-कोने में लोक जीवन को दिखाया गया है.

इस फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि पलायन की मार झेल रहे पहाड़ों मे दृढ़ इच्छा शक्ति से हरियाली लौटाई जा सकती है. केरल मे आयोजित अंतरराष्ट्रीय शार्ट फिल्म समारोह में डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ को प्रथम पुरस्कार मिल चुका है. यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म 59 मिनट की है. इस फिल्म में दिखाया गया है कि खराब परिस्थिति में भी कैसे लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है.

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