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म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल हुआ

म्यांमार 19 जुलाई 2018 को भारत द्वारा आरंभ की गई पहल अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन (आईएसए) में 68वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ जिसने फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किये हैं. म्यांमार ने इस संगठन में शामिल होकर सौर उर्जा के अधिक से अधिक उपयोग करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई.

दिल्ली डायलॉग के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान म्यांमार के विदेश मंत्री क्याव तिन ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को आईएसए फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर करके अपनी सहमति व्यक्त की.

इस बैठक में भारत और म्यांमार के मध्य निम्नलिखित विषयों पर भी चर्चा की गई:

•    भारत म्यांमार में विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है. इनमें कालादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट विशेष रूप से शामिल है.

•    यह परियोजना मिज़ोरम को म्यांमार के सित्वे बंदरगाह के साथ जोड़ती है.

•    इस त्रिपक्षीय योजना से भारत म्यांमार और थाईलैंड से जुड़ जायेगा.

•    भारत म्यांमार के राखिने राज्य में मानवीय एवं आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रहा है.

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन

•    भारत ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहल की थी.

•    इसकी शुरुआत संयुक्त रूप से पेरिस में 30 नवम्बर, 2015 को संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान कोप-21 से अलग भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्राँस के तत्कालीन राष्ट्रपति ने की थी.

•    फ़्रांस, इस अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के सफल होने के लिए 2022 तक 5600 करोड़ रुपये का फंड देगा जिससे सदस्य देशों में अन्य सोलर प्रोजेक्ट शुरू किये जायेंगे.

•    अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का लक्ष्य 2030 तक 1 ट्रिलियन वाट (1000 गीगावाट) सौर ऊर्जा उत्पादन का है, जिस पर अनुमानतः 1 ट्रिलियन डॉलर का खर्च आयेगा.

•    अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) पहला अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसका सचिवालय भारत में है.

 

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