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ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए ID कार्ड और प्रमाणपत्र जारी करने के लिए नेशनल पोर्टल हुआ शुरु

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने 25 नवंबर 2020 को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक आश्रय गृह ‘गरिमा गृह’ का आभासी उद्घाटन किया.

इस नेशनल पोर्टल का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को आगे आने और उनकी आत्म-पहचान के अनुसार ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट और पहचान पत्र हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जोकि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान है.

उद्देश्य

ट्रांसजेंडर व्यक्ति ऑनलाइन प्रमाणपत्र और पहचान पत्र के लिए आवेदन करने के लिए इस नेशनल  पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे. सभी आवेदक बिना किसी प्रत्यक्ष संपर्क के और किसी भी कार्यालय का दौरा किए बिना अपने ID-कार्ड प्राप्त कर सकेंगे.

मुख्य विशेषताएं

गरिमा गृह

महत्व

यह एक पायलट प्रोजेक्ट है और इसके सफल होने के बाद, इसी तरह की अन्य योजनाओं को देश के अन्य हिस्सों में संचालित किया जाएगा.

पृष्ठभूमि

केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 13 आश्रय गृह स्थापित करने के लिए 10 शहरों की पहचान करके देश भर में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की स्थितियों में सुधार लाने के लिए पहला कदम उठाया है.

केंद्रीय मंत्रालय की योजना है कि, पायलट आधार पर देश में 13 चुनिंदा समुदाय-आधारित संगठनों के साथ मिलकर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को विभिन्न सुविधाएं दी जायें.

इन 10 चयनित शहरों में नई दिल्ली, मुंबई, पटना, चेन्नई, रायपुर, कोलकाता, वडोदरा, भुवनेश्वर, जयपुर और मणिपुर शामिल हैं.

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