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पीपीएफ से सम्बंधित नियमों में बदलाव की घोषणा

केंद्र सरकार द्वारा पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) तथा नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) से संबंधित नियमों में बदलाव की घोषणा की है. इसके केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत यदि विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति को एनआरआई  का दर्जा मिल जाता है तो देश में चल रहा उसका पीपीएफ अकाउंट और एनएससी दोनों ही बंद हो जाएगा.

पीपीएफ से जुड़े इस संशोधन को अक्टूबर के आरंभ से ही आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया. सरकार की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गयी.


बैंकों को भी राष्ट्रीय बचत पत्र बेचने की अनुमति दी गई

मुख्य बिंदु

•    पीपीएफ में खाता खोलने वाला कोई व्यक्ति यदि मैच्योरिटी अवधि से पहले किसी दूसरी देश की नागरिकता ग्रहण (एनआरआई) कर लेता है, तो उसका अकाउंट तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा.

•    नये नियमों के अनुसार खाताधारक को खाता बंद होने की तारीख तक का ब्याज मिलेगा.

•    एनआरआई को पीपीएफ, एनएससी और डाकघर की तरफ से चलाई जाने वाली मासिक और दीर्घ अवधि वाली बचत योजनाओं में निवेश करने का अधिकार नहीं है.

•    नए नियमों के तहत किसी व्यक्ति को एनआरआई का दर्जा मिलते ही उसके एनएससी का भुगतान हो जाएगा. इसके तहत ऐसा भी माना जाएगा कि भुगतान हो चुका है.

•    सरकार की ओर से यह बदलाव पीपीएफ योजना, 1968 के तहत किया गया है.

पीपीएफ
सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) भारत में बचत एवं कर-बचत करने के लिये प्रयुक्त एक जमा योजना है. पीपीएफ का खाता किसी डाकघर में, भारतीय स्टेट बैंक की किसी शाखा में, तथा कुछ अन्य राष्ट्रीकृत बैंकों में खोले जा सकते हैं.

राष्ट्रीय हिंदी करेंट अफेयर्स 2017

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