JagranJosh Education Awards 2022 - Nominations Open!
Next

NHAI ने लगाए 2.23 करोड़ पौधे, ताकि हो सके पारिस्थितिक नुकसान की भरपाई

Anjali Thakur

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अभी हाल ही में यह कहा है कि, देश में सड़क बनाने के लिए पेड़ों की कटाई के कारण पारिस्थितिक नुकसान की भरपाई के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पूरे देश में 2.23 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं.

मंत्री ने राज्यसभा को दिये एक लिखित उत्तर में यह कहा कि वर्ष, 2017 से NHAI द्वारा लगाए गए पौधों की कुल संख्या 2.23 करोड़ है और मार्च, 2021 तक पूरी हुई 94 राजमार्ग परियोजनाओं में 55.1 लाख पौधे भी लगाए गए हैं.

उन्होंने यह भी कहा है कि, NHAI ने यह सुनिश्चित किया है कि मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करने के लिए कम से कम पेड़ों की कटाई की जाए. सभी पेड़ों की कटाई या तो वन विभाग या वन निगम द्वारा या ठेकेदार द्वारा उपयुक्त अधिकारियों से पेड़ काटने की अनुमति प्राप्त करने के बाद की जाती है.

पारिस्थितिक नुकसान की भरपाई के लिए या तो ठेकेदार द्वारा अनुबंध के दायरे में या वन विभाग के माध्यम से जमा कार्य के रूप में मध्य और सड़क के किनारे वृक्षारोपण किया जा रहा है. उन्होंने फिर कहा, "इसके अलावा, निजी एजेंसियों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से वृक्षारोपण कार्य भी किया जा रहा है. इसके अलावा, वैधानिक अनुपालन के लिए वन विभाग द्वारा भी प्रतिपूरक वनीकरण किया जा रहा है."

हरित राजमार्ग परियोजना

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने वर्ष, 2015 में नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में हरित राजमार्ग (वृक्षारोपण, प्रत्यारोपण, सौंदर्यीकरण और रखरखाव) नीति, 2015 का शुभारंभ किया था. इस नीति का उद्देश्य विभिन्न समुदायों, किसानों, निजी क्षेत्रों, गैर सरकारी संगठनों और सरकारी संस्थानों की भागीदारी के साथ राजमार्ग गलियारों की हरियाली को बढ़ावा देना है.

NHAI ने रखा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव, जानें विस्तार से

हरित राजमार्ग नीति, 2015 की मुख्य विशेषताएं

हरित राजमार्ग नीति का उद्देश्य

राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पेड़ और झाड़ियां लगाकर वायु प्रदूषण और धूल के प्रभाव को कम करना. पेड़-पौधे वायु प्रदूषकों के लिए प्राकृतिक सिंक के रूप में कार्य करेंगे और तटबंध ढलानों पर मिट्टी के कटाव को भी रोकेंगे.

दुनिया में अंगदान और प्रत्यारोपण के मामले में भारत प्रमुख तीन देशों में हुआ शामिल

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें एक लाख रुपए तक कैश

Related Categories

Live users reading now