वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने हेतु विभिन्न घोषणाएं की गईं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेस करके देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए विभिन्न घोषणाएं की हैं. इन घोषणाओं में विदेशी और घरेलू निवेशकों पर सरचार्ज हटाने का फैसला किया गया. इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि सीएसआर कानून का उल्लंघन अब आपराधिक मामला नहीं होगा अब यह सिविल लायबिलिटी होगा.

वित्त मंत्री ने प्रेस कांफ्रेस करते हुए पत्रकारों को कहा कि सरकार के उद्देश्यों में आर्थिक सुधर सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा कि करदाताओं को परेशान नहीं किया जायेगा साथ ही जो लोग देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं उनका सम्मान किया जायेगा.  

निर्मला सीतारमण द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं

• वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1 अक्टूबर 2019 से आईटी ऑथोरिटी के द्वारा सभी नोटिस, समन, आदेश आदि सेंट्रलाइज्ड कंप्यूटर से जारी किए जाएंगे. सभी पुराने नोटिस 1 अक्टूबर से फिर से सिस्टम में अपलोड किया जाएगा. 
• उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पूंजी बाजार में रौनक लाने के लिए लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर सरचार्ज को खत्म किया गया.
• स्टार्टअप्स और उसके निवेशकों के लिए एंजेल टैक्स के प्रावधान को समाप्त किये जाने की घोषणा की गई. बैंकों को 70 हज़ार करोड़ रुपये मुहैया कराया जाएंगे ताकि वे ज्यादा से ज्यादा कर्ज दे सकें.
• वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों ने कहा है कि रेपो दर में कटौती का फायदा अपने ग्राहकों को पास करेंगे. रेपो दर से ब्याज दर को सीधे जोड़ने से कार,घर खरीददारों और रिटेल सेक्टर को सस्ता ईएमआई मिल रहा है. कर्ज लेने वाले ग्राहकों को जिनके कर्ज का भुगतान हो चुका है उन्हें 15 दिनों में दस्तावेज उपलब्ध कराया जाएगा.
• वित्त मंत्री ने बताया कि मौजूदा ग्लोबल GDP 3.2% है और भारत की विकास दर इससे बेहतर स्थिति में है. सुधारों के द्वारा स्थिति को मजबूत बनाया जायेगा. 
• करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि विजयदशमी से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट फेसलेस स्क्रूटनी शुरू करेगा. टैक्सपेयर्स को परेशान नहीं किया जाएगा. टैक्स को लेकर सरकार संवेदनशील है. उनका कहना है कि आने वाले दिनों में जीएसटी रिटर्न और रिफंड को और आसान बनाया जाएगा.

बिज़नेस में राहत
वित्त मंत्री ने कहा है कि ईज ऑफ डूइंग के तहत बिजनेस मामलों का 48 घंटे में निपटारा होगा. एमएसएमई और घर खरीददारों के लिए एक मजबूत आईबीसी लाया गया है. साथ ही, विलय और अधिग्रहण को आसान किया जाएगा.

ऑटो सेक्टर को राहत 
वित्त मंत्री ने वाहन उद्योग को राहत देते हुए घोषणा की कि मार्च 2020 तक बीएस-4 इंजन वाली गाड़ियों की बिक्री में कोई दिक्कत नहीं होगी. ऐसे वाहन पंजीयन खत्म होने तक चलाए जा सकेंगे. इसके साथ ही पंजीयन शुल्क बढ़ोतरी के फैसले को जून, 2020 तक टाल दिया गया. केंद्र सरकार के विभागों द्वारा पुराने वाहनों के बदले नए वाहनों की खरीद पर लगी रोक हटाएगा.

आधार द्वारा केवाईसी
गैर बैंकिंग कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आधार के जरिए केवाईसी की जा सकेगी. एक लाख करोड़ रुपये तक की परिसंपत्तियों की खरीद के लिए ऋण योजना की प्रत्येक बैंक में निगरानी की जाएगी.

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