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नीति आयोग, इंटेल और टीआईएफआर ने परिवर्तनीय एआई हेतु आदर्श अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र की स्थापना की

नीति आयोग, इंटेल और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) ने 7 सितंबर 2018 को परिवर्तनीय एआई के लिए आदर्श अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र स्थापित करने के लिए सहयोग किया.

वे एआई और अनुप्रयोग आधारित शोध परियोजनाओं के विकास और क्रियान्वयन के लिए परिवर्तनीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता आदर्श अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र (आईसीटीएआई) की स्थापना करेंगे. यह पहल नीति आयोग के कार्यक्रम ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए राष्ट्रीय रणनीति’ का एक हिस्सा है. देश में आईसीटीएआई की स्थापना निजी क्षेत्र के सहयोग से की जाएगी.

परिवर्तनीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता आदर्श अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र (आईसीटीएआई):

•   बंगलौर स्थित यह आदर्श आईसीटीएआई स्वास्थ्य देखभाल, कृषि और स्मार्ट गतिशीलता क्षेत्र में एआई आधारित समाधान के अनुसंधान का संचालन करेगा. इसमें इंटेल और टीआईएफआर की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा.

•   प्रशासन, मूलभूत अनुसंधान, अवसंरचना, गणना व सेवा अवसंरचना तथा प्रतिभाओं को आकर्षित करना जैसे क्षेत्रों में यह संस्थान परीक्षण करेगा, खोज करेगा और सर्वोत्तम अभ्यासों की स्थापना करेगा.

•   आदर्श आईसीटीएआई एआई के आधारभूत फ्रेमवर्क को विकसित करेगा. इसका उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित नीतियों का विकास करना तथा मानकों को विकसित करना है.

•   यह आदर्श केन्द्र अनुप्रयोग आधारित शोध को प्रोत्साहन देने के लिए एआई तकनीकों का विकास करेगा.

•   आदर्श आईसीटीएआई उद्योगजगत की हस्तियों, नवाचार उद्यमियों तथा एआई सेवा प्रदाताओं के साथ सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगा.

•   इसका लक्ष्य विश्व स्तरीय एआई प्रतिभा के लिए प्रतिभाओं का विकास और इन्हें कौशल प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान करना है.

•   इस आदर्श आईसीटीएआई द्वारा विकसित ज्ञान और सर्वोत्तम अभ्यासों का उपयोग नीति आयोग पूरे देश में स्थापित होने वाले आईसीटीएआई केन्द्रों के निर्माण में करेगा.

•   नीति आयोग ने आईसीटीएआई को एआई में अनुप्रयोग आधारित अनुसंधान की सिफारिश की है. भारत की समस्याओं के समाधान हेतु मूलभूत अनुसंधान के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी आवश्यक है. इंटेल का विजन है मानव केन्द्रित एआई का विकास जो समावेशी तरीके से मानवता को फायदा पहुंचा सके.

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