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नीति आयोग ने अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज लांच करने की घोषणा की

नीति आयोग के अटल नवोन्मेषण मिशन ने 26 अप्रैल 2018 को अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज लांच करने की घोषणा की, जो प्रधानमंत्री के नवोन्मेषणों एवं प्रौद्योगिकियों को लोगों के लिए प्रासंगिक बनाने के आह्वान के बाद अस्तित्व में आया है.

सामर्थ्य, प्रयोजन एवं प्रौद्योगिकियों को उत्पाद के रूप में ढ़ालने की क्षमता प्रदर्शित करने वाले आवेदकों को एक करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा. इस अनुदान सहायता के अतिरिक्त परामर्श, हैंडहोल्डिंग, इंक्यूबेशन तथा वाणिज्यीकरण के विभिन्न चरणों में आवश्यक अन्य समर्थन भी प्रदान किए जाएंगे और इससे व्यापक परिनियोजन भी सृजित होगी.

भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाते हुए अपनी विकास क्षमता को तेज किया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, आवास एवं शहरी मामले, कृषि एवं किसान कल्याण, पीने का पानी एवं स्वच्छता मंत्रालयों तथा रेल बोर्ड के साथ साझेदारी करने के जरिए एआईएम भारत के नवोन्मेषकों की क्षमता का लाभ उठाने का प्रयास करेगा.

उद्देश्य:

यह पहल प्रमुख क्षेत्रों में समस्याओं के समाधान की दिशा में हमारे प्रयासों पर फोकस करेगी, जिसका हमारे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा और इससे रोजगार का भी सृजन होगा. इन नवोन्मेषणों का उपयोग भारत के सभी नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा.

यह कार्यक्रम स्थानीय रूप से भारत की प्रौद्योगिकीय चुनौतियों का समाधान करते हुए आम आदमी के जीवन में प्रौद्योगिकीय क्रांति लाएगा.

अटल न्यू इंडिया चैलेंज, जो पांच मंत्रालय के सहयोग से संचालित किया जाएगा, के तहत एआईएम 17 चिह्नित फोकस क्षेत्रों, जिनके नाम हैं:

1. जलवायु स्मार्ट कृषि

2. सड़क एवं रेल के लिए फॉग विजन सिस्टम

3. उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने के द्वारा रेल की विफलता से बचाव

4. रोलिंग स्टॉक का पूर्वानुमानित रखरखाव

5. स्मार्ट गतिशीलता

6. वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन

7. इलेक्ट्रिक गतिशीलता

8. त्वरित पोर्टेबल जल गुणवत्ता परीक्षण

9. सुरक्षित परिवहन

10. वहनीय विलवणीकरण / रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकी

11. कचरा संरचना उपकरण

12. अपशिष्ट प्रबंधन रीसाइक्लिंग / पुनर्उपयोग

13. खाद की गुणवत्ता

14. खाद के लिए ब्लेड्स का मिश्रण

15. विकेंद्रीकृत कंपोस्टिंग

16. सार्वजनिक स्थान पर गंदगी का निवारण

17. सार्वजनिक स्थानों में अपशिष्ट

 

चयन समिति की क्षमता की अवधारण के आधार पर किसी फोकस क्षेत्र में कई अनुदान दिए जा सकते हैं. इसके अतिरिक्त अनुदान प्राप्त करने वालों को परामर्श अग्रणी इंक्यूबेटर्स, एक्सीलेरेटर्स, विशेषज्ञों द्वारा बाजार संबंधी कार्य नीतियों की सहायता, प्रौद्योगिकीय समर्थन एवं अन्य साधन भी प्रदान किए जाएंगे.

यह प्रोग्राम वर्तमान में http://aim.gov.in/atal-new-india-challenge.php पर आवेदन स्वीकार कर रहा है और आवेदनों की अंतिम तिथि 10 जून 2018 है.

यह प्रोग्राम कंपनी अधिनियम 1956 और 2013 के तहत पंजीकृत भारतीय कंपनियों, मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उपक्रम (एमएसएमई), जैसा कि एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 में वर्णित है के लिए खुला है.

 
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