नीति आयोग आकांक्षी जिले कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरी डेल्टा रैंकिंग जारी की

नीति आयोग ने 27 दिसंबर 2018 को आकांक्षी जिले कार्यक्रम (एडीपी) की दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग जारी की. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत एडीपी के अंतर्गत दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग जारी की.

इस रैंकिंग से 1 जून 2018 और 31 अक्‍टूबर 2018 के बीच जिलों द्वारा की गई वृद्धि संबंधी प्रगति का अंदाज लगाया जाएगा.

 

दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग:

जिलों को स्‍वास्‍थ्‍य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्‍तीय समावेशन और कौशल विकास तथा आधारभूत ढांचे के मानदंडों पर पारदर्शिता के आधार पर उनके प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के जरिए श्रेणीबद्ध किया गया है.

श्रेणीबद्ध करने का काम चैंपियन्‍स ऑफ चेंज डैशबोर्ड के जरिए सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें वास्‍तविक समय के आधार पर जिला स्‍तर के आंकड़े प्रविष्‍ट किए गए हैं.

श्रेणीबद्ध करने में पहली बार नीति आयोग के नॉलेज पार्टनरों, टाटा ट्रस्‍ट तथा बिल और मेलिन्‍डा गेट्स फाउंडेशन द्वारा कराए गए परिवार के सर्वेक्षण से प्राप्‍त जानकारी को शामिल किया गया है.

 

इस कार्यक्रम के लिए नीति आयोग और ल्यूपिन फाउंडेशन भारत के आकांक्षी जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, वित्तीय समावेश एवं कौशल विकास, कृषि एवं जल संसाधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े संकेतकों को बेहतर करने के लिए आपस में सहयोग कर रहे हैं.

 

आकांक्षी जिला कार्यक्रम:

आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरूआत प्रधानमंत्री ने 05 जनवरी 2018 को की थी. इसका उद्देश्‍य उन जिलों में तेजी से बदलावा लाना है, जिन्‍होंने प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में तुलनात्‍मक दृष्टि से कम प्रगति की है और वे अल्‍पविकास के रूप में उभरे हैं, जिसके कारण वे संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए चुनौती बने हुए हैं. यह कार्यक्रम अपनी क्षमता का अनुकूलतम उपयोग करने के लिए  तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में भाग लेने वाले लोगों की क्षमता में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित करता है. स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास और बुनियादी ढांचा इस कार्यक्रम के मुख्य केन्द्र हैं.

 

पहली डेल्टा रैंकिंग:

आकांक्षी जिलों की पहली डेल्‍टा रैंकिंग जून 2018 में जारी की गई थी. इसने स्‍वास्‍थ्‍य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्‍तीय समावेशन और कौशल विकास तथा आधारभूत ढांचे के पांच विकासात्‍मक क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन पर आकांक्षी जिलों को स्‍वयं दिए गए आंकड़ों के आधार पर अप्रैल और मई 2018 के महीनों के लिए श्रेणीबद्ध किया था.

 

यह भी पढ़ें: नीति आयोग ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम हेतु ल्यूपिन फाउंडेशन के साथ समझौता किया

Related Categories

Popular

View More