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अमेरिका ने उठाया नया साल में कड़ा कदम, कहा पाकिस्तान को अब और नहीं मिलेगी आर्थिक सहायता

आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखाते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पाकिस्तान के लिए एक कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब पाकिस्तान को किसी भी तरह का कोई आर्थिक सहायता नहीं देगा. अमेरिका का यह कदम एक रिपोर्ट के बाद आया जिसमें कहा गया था कि ट्रम्प प्रशासन पाकिस्तान को आर्थिक सहायता बंद करने पर विचार कर रहा है.
इस परिदृश्य में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान को संबोधित करते हुए कहा कि, यह दक्षिण एशियाई देश ने अमेरिका को झूठ और धोखे के अलावा कुछ भी नहीं दिया है. इसने आतंकवादियों को पनपने के लिए सुरक्षित स्थान प्रदान किया है.
"संयुक्त राज्य अमेरिका ने मूर्खता के कारण पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से अधिक सहायता दी है, लेकिन उसने हमें बेवकूफ समझते हुए झूठ और धोखे के अलावा कुछ नहीं दिया है", ट्रम्प ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा.
यह बयान दक्षिण एशिया में अमेरिका की ओर से एक नई नीति बदलाव के रूप में व्यापक रूप से देखा जाता है.

पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1947 से पाकिस्तान देश की बनने के तुरंत बाद आर्थिक समर्थन और सैन्य सहायता देना शुरू कर दिया था.
कुल मिलाकर, 1951 और 2011 के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने करीब 67 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता पाकिस्तान को प्रदान किया.
अमेरिकी भू-राजनीतिक हितों के कारण यह सहायता कभी कम तो कभी ज्यादा होती रही.
कई बार अमेरिकी सहायता पूरी तरह से रोक दी गई थी और यूएसएड (USAID) कार्यालयों के दरवाजे बंद कर दिए गए थे.
पाकिस्तान, अमेरिका से मिलने वाले विदेशी सहायता का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ताओं में से एक है, यह अमेरिका का पाकिस्तान के प्रति दीर्घकालिक भागीदारी और प्रतिबद्धता का संकेत देता है.
2002 से अमेरिका ने पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा सहायता प्रदान की है.

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