नासा ने सौरमंडल के बाहर पृथ्वी जैसा पहला ग्रह खोजा

नासा ने हाल ही में सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के आकार का ग्रह खोजा है. यह ग्रह धरती से 53 प्रकाशवर्ष दूर स्थित एक तारे की परिक्रमा कर रहा है.

इस ग्रह को नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सेटेलाइट (टीईएसएस) ने खोजा है. यह ग्रह अपने तारे की काफी नज़दीक से परिक्रमा कर रहा है इसलिए वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ग्रह रहने योग्य नहीं हो पाएगा. खासतौर पर जिस तरह के जीवन की अभी तक परिकल्पना है.

मुख्य बिंदु:

•   यह नया खोजा गया ग्रह तारे की एक परिक्रमा पृथ्वी के 7.8 दिनों में पूरा करता है. टेस पिछले एक साल से ही काम कर रहा है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह केप्लर स्पेस टेक्नॉलजी से बेहतर साबित होगा.

•   केप्लर अब तक सौरमंडल के बाहर कुल 2500 ग्रहों की खोज कर चुका है. जो कि सौरमंडल के बाहर खोजे गए कुल ग्रहों का लगभग 70 प्रतिशत है.

•   एस्ट्रोनॉमर्स का मानना है कि टेस सौरमंडल के बाहर रहने लायक ग्रहों की खोज करने में सक्षम है.

खोजे गए ग्रह:

•   टीईएसएस ने अब तक दो ग्रह खोजे हैं. इन्हें एचडी 21749बी और एचडी 21749सी नाम दिया गया है. इन ग्रहों के तारे का द्रव्यमान सूरज के 80 फीसदी के बराबर है.

•   एचडी 21749बी अपने तारे की 36 दिन में परिक्रमा पूरी कर लेता है. इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 23 गुना और रेडियस पृथ्वी से 2.7 गुना है.

•   दूसरा ग्रह एचडी 21749सी का आकार लगभग पृथ्वी के बराबर है. यह अपने तारे की आठ दिन में परिक्रमा पूरी करता है.

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नासा के बारे में:

•   नासा (National Aeronautics and Space Administration) संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए जिम्मेदार है.

•   फ़रवरी 2006 से नासा का लक्ष्य वाक्य "भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण, वैज्ञानिक खोज और एरोनॉटिक्स संशोधन को बढ़ाना" है. 

•   नासा ने 14 सितंबर 2011 को घोषणा की कि उन्होंने एक नए स्पेस लॉन्च सिस्टम के डिज़ाइन का चुनाव किया है जिसके चलते संस्था के अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में और दूर तक सफर करने में सक्षम होंगे और अमेरिका द्वारा मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया कदम साबित होंगे.

•   नासा का गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत 19 जुलाई 1948 में इसके पूर्वाधिकारी संस्था नैशनल एडवाइज़री कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (एनसीए) के स्थान पर किया गया था.

•   इस संस्था ने 1 अक्टूबर 1948 से कार्य करना शुरू किया. तब से आज तक अमेरिकी अंतरिक्ष अन्वेषण के सारे कार्यक्रम नासा द्वारा संचालित किए गए हैं जिनमे अपोलो चन्द्रमा अभियान, स्कायलैब अंतरिक्ष स्टेशन और बाद में अंतरिक्ष शटल शामिल है.

•   वर्तमान में नासा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को समर्थन दे रही है और ओरायन बहु-उपयोगी कर्मीदल वाहन व व्यापारिक कर्मीदल वाहन के निर्माण व विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

 ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस):


•    नासा ने एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए टीईएसएस को अप्रैल 2018 में लॉन्च किया था.

•    अपने दो साल के अभियान में टीईएसएस 30 से 300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित ग्रहों और चमकीले तारों का अध्ययन कर रहा है.

•    मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) द्वारा विकसित उपग्रह का लक्ष्य हजारों ऐसे ग्रहों की तलाश करना है जो हमारे सौर मंडल से बाहर हैं.

•    यह अंतरिक्ष यान एक फ्रिज के आकार का है और जो कि चार कैमरों द्वारा सुसज्जित है. टीईएसएस लगभग दो साल के लिए मिशन पर है और लगभग पूरे आकाश को खंगालेगा.

यह भी पढ़ें: 2018 धरती का चौथा सबसे गर्म साल रहा: NASA रिपोर्ट

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