डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि 2019: जाने उनके जीवन की 10 महत्वपूर्ण बातें

डॉ. भीम राव अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस (पुण्यतिथि) 06 दिसंबर 2019 को मनाया जा रहा है. इस साल 64वां डॉ अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है. डॉ. भीम राव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) देश भर में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद कर रही है.

डॉ. भीम राव अंबेडकर कि पुण्यतिथि प्रत्येक साल उन्हें 06 दिसंबर को श्रद्धांजलि और सम्मान देने हेतु मनाया जाता है. इस दिन लोगों की बड़ी भीड़ उन्हें सम्मान तथा आदर देने हेतु सुबह संसद भवन परिसर में आती है और एक सबसे लोकप्रिय नारा "बाबा साहेब अमर रहें" लगाते हैं.  डॉ. अंबेडकर को बाबा साहेब के नाम से भी जाना जाता है. यहां आपको अंबेडकर के जीवन से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानकारी मिलेगी.

दस महत्वपूर्ण बातें

• बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था. उन्हें साल 1990 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था.

• उन्होंने जीवन भर दलितों और अन्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों हेतु संघर्ष किया. उन्हें भारतीय संविधान के पिता के रूप में भी जाना जाता है. अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के उनके प्रयास उल्लेखनीय थे.

• बाबा साहेब ने साल 1956 में ‘बौद्ध धर्म’ अपना लिया था. लाखों दलितों ने भी उनके साथ ही ‘बौद्ध धर्म’ अपना लिया था. उनका मानना था कि मानव जाति का उद्देश्य खुद में सतत सुधार लाना है.

• डॉ. भीमराव अंबेडकर को 29 अगस्त 1947 को संविधान की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. उनकी अध्यक्षता में 02 साल 11 महीने और 18 दिन के बाद संविधान बनकर तैयार हुआ था.

• अंबेडकर के पिता भारतीय सेना में सूबेदार थे. उनका परिवार साल 1894 में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद सतारा चला गया था. कुछ ही समय बाद, भीमराव की माँ का निधन हो गया था.

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• बाबा साहेब अंबेडकर का परिवार महार जाति का था, जिसे अछूत माना जाता था. इस कारण उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव सहन करना पड़ता था.

• उन्होंने साल 1906 में नौ साल की लड़की रमाबाई से ‘बाल विवाह’ के प्रचलन के कारण शादी की थी. उन्होंने रमाबाई की मृत्यु के बाद सविता से दूसरा विवाह किया था.

• बाबा साहेब नौ भाषाओं के जानकार थे. इन्हें देश विदेश के कई विश्वविद्यालयों से पीएचडी की कई मानद उपाधियां मिली थीं. इनके पास लगभग 32 डिग्रियां थीं.

• उन्होंने साल 1907 में मैट्रिक पास की और फिर उन्होंने साल 1908 में एलफिंस्टन कॉलेज में प्रवेश लिया. वे इस कॉलेज में प्रवेश लेने वाले पहले दलित छात्र थे.

• उन्होंने साल 1912 में बॉम्बे यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस से डिग्री ली. वे साल 1913 में एमए करने के लिए अमेरिका चले गए. तब उनकी उम्र मात्र 22 साल थी. अंबेडकर साहब की 06 दिसंबर 1956 को मृत्यु हो गई.

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