International Tea Day 2019: संयुक्त राष्ट्र ने 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस घोषित किया

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत की सिफारिश पर 21 मई को 'अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस' घोषित किया है. चाय उत्पादन करने वाले देशों द्वारा वर्तमान में प्रत्येक साल 15 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है.

यह प्रस्ताव भारत ने चार साल पहले मिलान में हुई अंतरराष्ट्रीय खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के अंतर सरकारी समूह की बैठक में पेश किया गया था. संयुक्त राष्ट्र ने चाय के औषधीय गुणों के साथ सांस्कृतिक महत्व को भी अहम मान्यता दी है.

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस 21 मई को क्यों?

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की सिफारिश पर 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस घोषित किया है. दरअसल, अधिकतर चाय उत्पादक देश में गुणवत्तापूर्ण चाय उत्पादन का मौसम मई में ही शुरू होता है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस घोषित करने से इसके उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी. यह ग्रामीण क्षेत्रों में भूख और गरीबी से लड़ने में भी मदद करेगा.

मुख्य बिंदु:

• संयुक्त राष्ट्र ने सभी सदस्य देशों, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों से प्रत्येक साल 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाने की अपील की है.

• भारत, नेपाल, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका, तंजानिया के अतिरिक्त कई और देश अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस को 15 दिसंबर को मना रहे हैं.

• साल 2018 में एफएओ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में काली चाय का उत्पादन साल 2027 तक बढ़कर 44 लाख टन हो जाने का अनुमान है जो साल 2017 में 33.3 लाख टन था.

• वहीं ‘ ग्रीन टी’ का उत्पादन 36 लाख टन हो जाने का अनुमान है जो साल 2017 में 17.7 लाख टन था.

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महत्व और उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस का उद्देश्य चाय उत्पादकों और चाय श्रमिकों की स्थिति में सुधार करने का प्रयास करना है. चाय उत्पादक देश भले ही काफी लाभ कमाते हैं लेकिन चाय के बागानों में काम करने वाले मजदूरों की हालत बहुत खराब होती है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर चाय मजदूरों की काम की स्थिति, मजदूरों के अधिकार, दिहाड़ी, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को लेकर चर्चा को भी प्रोत्साहित करना है.

यह दिन इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके माध्यम से चाय उत्पादक देशों में चाय मजदूरों के योगदानों पर प्रकाश डाला जाता है. इसके अतिरिक्त चाय संस्कृति का जश्न मनाने का भी यह एक दिन है.

पृष्ठभूमि

व्यापार संघों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बैठक साल 2004 में मुंबई में हुई थी. इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाने का फैसला किया गया था. अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस की शुरुआत 15 दिसंबर 2005 को नई दिल्ली से हुई थी. यह दिवस एक साल बाद श्रीलंका में मनाया गया और वहां से विश्व भर में फैला.

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