इसरो तमिलनाडु में छोटे उपग्रहों के लिए दूसरा उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र बनाएगा

इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के प्रमुख के सिवन ने 01 जनवरी 2020 को घोषणा की कि तमिलनाडु में छोटे उपग्रहों के लिए दूसरा उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र बनाया जायेगा. यह पोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के थुटुकुडी में बनाया जाएगा. इसका इस्‍तेमाल छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए किया जायेगा.

इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि सरकार ने चंद्रयान-3 अभियान को भी मंजूरी दे दी है और इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि यह अंतरिक्ष केंद्र 2300 एकड़ भूमि में स्थापित किया जाएगा. इसरो प्रमुख ने कहा कि गगनयान और चंद्रयान-3 मिशन 2020 में लॉन्च किए जाएंगे.

2020 में इसरो

इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि इसरो इस वर्ष चंद्रयान -3 को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि चंद्रयान -3 में एक लैंडर और रोवर होगा लेकिन इसमें ऑर्बिटर नहीं है क्योंकि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से इसमें सहायता ली जाएगी.

इसरो ने 2020 के लिए 25 मिशनों की योजना बनाई है. के सिवन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा की. उन्होंने कहा कि जिन मिशनों को 2019 में पूरा नहीं किया गया था उन्हें इस साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.

के सिवन ने परियोजना की लागत पर कहा कि इस मिशन पर 250 करोड़ रुपये का खर्च होगी. उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल किया जा सकता है.

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गगनयान हेतु अंतरिक्षयात्रियों की पहचान

इसरो प्रमुख के सिवन ने बताया कि गगनयान मिशन हेतु चार अंतरिक्षयात्रियों की पहचान हो गई है. इसरो चीफ ने बताया कि साल 2019 में गगनयान मिशन पर हमने अच्छी प्रगति हासिल की है. इस मिशन हेतु चार अंतरिक्षयात्री चुने गए हैं तथा जनवरी के तीसरे हफ्ते से उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी. उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन के लिए सलाहकार समिति का गठन किया गया है.

दूसरा स्पेस पोर्ट तमिलनाडु में

सिवन ने कहा कि इसरो के दूसरे स्पेसपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है. तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के थुटुकुडी में होगा. आगामी एक दशक में इसरो के पास मंगल ग्रह से लेकर शनि ग्रह तक के लिए कई महत्‍वाकांक्षी प्रॉजेक्‍ट हैं जिन पर तेजी से काम चल रहा है. इसरो के गगनयान मिशन हेतु रूस मदद कर रहा है.

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