IHBT के वैज्ञानिकों ने विकसित किया नया सेनिटाइजर, जानें इसकी खूबियां

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित हिमालय-जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) के वैज्ञानिकों ने एक नया हैंड-सेनिटाइजर विकसित किया है. कोरोनवायरस को रोकने के लिए सरकार द्वारा कई निवारक उपायों की घोषणा की गई है.

कोरोना वायरस के हमले के बीच आईएचबीटी ने हानिकारक रसायनों से मुक्त हैंड-सेनिटाइजर की तकनीक विकसित कर इसे बाजार में उतारने की तैयारी कर ली है. कोरोना के विरुद्ध निवारक उपाय और बाजार में बेची जा रही कई नकली सामग्रियों की खबरों के बीच सेनिटाइजर जैसे उत्पादों की माँग बढ़ रही है.

हैंड-सेनिटाइजर

आईएचबीटी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, इस हैंड-सेनिटाइजर में प्राकृतिक गंध, सक्रिय चाय घटक और अल्कोहल की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपयोग की गई है. इस सेनिटाइजर की एक खास बात है कि इस उत्पाद में पेराबेंस, ट्राईक्लोस्म, सिंथेटिक खुशबू एवं थेलेटेस जैसे रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है.

इससे संबंधित मुख्य बिंदु

• आईएचबीटी ने हैंड-सेनिटाइजर के व्यावसायिक उत्पादन के लिए हाल ही में पालमपुर की ही कंपनी ए.बी. साइंटिफिक सॉल्यूशन्स के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

• इस समझौते के मुताबिक आईएचबीटी हैंड-सेनिटाइजर के उत्पादन की अपनी तकनीक इस कंपनी को हस्तांतरित कर रहा है.

• ए.बी. साइंटिफिक सॉल्यूशन्स के पास अपना एक मजबूत मार्केटिंग नेटवर्क है. यह कंपनी इस हैंड-सेनेटाइजर के व्यावसायिक उत्पादन के लिए पालमपुर में एक केंद्र स्थापित करेगी तथा देशभर के सभी प्रमुख शहरों में सेनिटाइजर और अन्य कीटाणुनाशकों का विपणन करेगी.

• आईएचबीटी की टीम ने इस हैंड-सैनिटाइजर को बाजार में अचानक मांग के कारण विकसित किया है. सही उत्पाद की माँग में मौजूदा वृद्धि को देखते हुए इस हैंड सेनिटाइजर का विकास उपयुक्त वक्त पर किया गया है.

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हैंड-सेनिटाइजर के महत्व और फायेदे

वर्तमान में कोरोनो वायरस के प्रकोप के दौरान मांग बढ़ने के कारण हैंड-सेनिटाइजर की कमी भी बताई गई है. डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोरोना वायरस से बचने के लिए बार-बार हाथ साफ करने की सलाह दे रहे हैं. इसी कारण हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. यात्रा करते समय और काम करते समय साबुन से बार-बार हाथ धोना संभव नहीं है. इस मामले में, हैंड-सेनिटाइज़र एक बेहतर विकल्प है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, आपको अपने हाथों को अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से साफ करना चाहिए और उन्हें साबुन और पानी से धोना चाहिए. कोरोना वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसी से फैल सकता है. खांसी और छींकने से इन बूंदों का संचरण आसानी से हो जाता है. यदि ये बूंदें एक सतह पर रहती है हैं, तो ऐसी वस्तुओं या सतहों को छूने से यह वायरस फैलता है. आप अपने हाथों की सफाई से अपने हाथों पर मौजूद वायरस से छुटकारा पा सकते हैं.

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