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आपरेशन ग्रीन योजना: केंद्र ने पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों से होने वाले हवाई परिवहन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी की घोषणा की

केंद्र सरकार ने अब पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों से 41 अधिसूचित फलों और सब्जियों को भारत के किसी भी स्थान पर पहुंचाने के लिए हवाई परिवहन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी सुविधा देने की 11 नवंबर 2020 को घोषणा की. कोरोना संक्रमण के चलते उद्यानिकी की खेती करने वाले कृषकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा आपरेशन ग्रीन योजना के दायरे को बढ़ाया गया है.

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन ग्रीन्स योजना के तहत शुरू की गयी इस सुविधा के अनुसार एयरलाइंस कम्पनियां आपूर्तिकर्ता / माल भेजने वाले / माल प्राप्तकर्ता तथा एजेंट को परिवहन सब्सिडी सीधे प्रदान करेंगी और वास्तविक अनुबंधित माल ढुलाई शुल्क का केवल 50 प्रतिशत ही उनसे लेंगी.

योजना को मंजूरी प्रदान करने के बाद संशोधित योजना सम्बंधित दिशा-निर्देश 02 नवंबर 2020 को अधिसूचित कर दिए गए. ऑपरेशन ग्रीन्स योजना के तहत परिवहन सब्सिडी को इससे पहले किसान रेल योजना पर लागू किया गया था जो 12 अक्टूबर 2020 से प्रभावी हुई थी.

योजना के तहत 21 फलों को शामिल किया गया

भारतीय रेलवे अधिसूचित फल और सब्जियों पर केवल 50 प्रतिशत भाड़ा ही लेता है. इस योजना के तहत 21 फलों में आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, मौसम्बी, संतरा, किन्नु, नींबू, पपीता, अनानास, अनार, कटहल, सेब, बादाम, आंवला, पैशन फ्रूट, नाशपाती, शकरकंद और चीकू हैं. 20 सब्जियां में फ्रेंच बीन्स, करेला, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च (हरी), ओकरा, ककड़ी, मटर, लहसुन, प्याज, आलू, टमाटर, बड़ी इलायची, कद्दू, अदरक, गोभी, स्क्वैश और हल्दी (सूखी) को रखा गया है.

50 प्रतिशत सब्सिडी की घोषणा

इसमें पूर्वोत्तर से अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम (बागडोगरा) और त्रिपुरा के सभी हवाई अड्डे तथा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के सभी हवाई अड्डों से इन फल/सब्जियों की ढुलाई को इस योजना के तहत सब्सिडी के दावे का पात्र माना जाएगा.

आपरेशन ग्रीन योजना: एक नजर में

केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आपरेशन ग्रीन योजना संचालित की गई है. इसके तहत उत्पादकों को फल एवं सब्जियों का उचित मूल्य दिलाने के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इस योजना में टमाटर, प्याज व आलू के साथ ही सभी फल व सब्जियों के अधिक उत्पादन होने पर बाजारों में परिवहन के माध्यम से भेजने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में किसानों को मिलेगा.

यहीं नहीं इस योजना का लाभ उन किसानों को भी मिलेगा जो फल या सब्जी को कोल्ड स्टोरेज में या अन्य किसी वेयरहाउस में भंडारित करेंगे. उनके लिए भंडार शुक्ल की कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था की गई है. इस योजना में आलू, प्याज, टमाटर के साथ अब विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों को भी शामिल करने की घोषणा आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तीसरे भाग में की गई है.

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