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नासा के अंतरिक्ष यान OSIRIS-REx ने एस्टेरोइड के नमूनों के साथ शुरु की अपनी दो साल की वापसी यात्रा

Anjali Thakur

10 मई, 2021 को क्षुद्रग्रह/ एस्टेरोइड बेन्नु से नमूने एकत्र करने के बाद नासा के OSIRIS-REx अंतरिक्ष यान ने अपना 2 साल का ऐतिहासिक मिशन शुरू किया. यह नासा का पहला एस्टेरोइड सैंपल वापसी मिशन है और यह पृथ्वी के निकट के एस्टेरोइड बेन्नु से एकत्रित सामग्री की प्रचुर राशि लेकर पृथ्वी पर वापस आ रहा है.

यह 4.5 बिलियन साल पुराना गगनचुंबी आकार का एस्टेरोइड, बेन्नु पृथ्वी से लगभग 320 मिलियन किमी दूर है.

पिछले साल इस एस्टेरोइड की सतह से मलबे को इकट्ठा करने से पहले, नासा का OSIRIS-REx अंतरिक्ष यान वर्ष, 2018 में एस्टेरोइड बेन्नु तक पहुंच गया था और इस यान ने बेन्नु एस्टेरोइड के पास और इसके ईर्द-गिर्द उड़ान भरने में दो साल बिताए थे.

मुख्य विशेषताएं

• दोपहर 4:16 बजे ET, कोलोराडो में लॉकहीड मार्टिन में OSIRIS-REx नियंत्रण कक्ष को अंतरिक्ष यान से संकेत मिला कि इसने बेन्नु के चारों ओर स्थापित कक्षा से खुद को हटाने के लिए थ्रस्टरों को निकाल दिया है.
• यह अंतरिक्ष यान वर्तमान में 600 मील प्रति घंटे से अधिक गति से बेन्नु से दूर जा रहा है और 24 सितंबर, 2023 को इसके पृथ्वी पहुंचने और उटाह टेस्ट एंड टेस्टिंग रेंज में सैंपल देने की उम्मीद है.

इस अंतरिक्ष यान को पृथ्वी तक पहुंचने में दो साल क्यों लगेंगे?

नासा का OSIRIS-REx वर्तमान में पृथ्वी से 291 मिलियन मील दूर है. पृथ्वी पर वापिस लौटने और सैंपल्स प्रदान करने के लिए, यह दो बार सूर्य की परिक्रमा और 1.4 बिलियन मील की दूरी तय करेगा.

OSIRIS-REx अंतरिक्ष यान के ऐतिहासिक क्रियाकलाप

• इस OSIRIS-REx अंतरिक्ष यान को सितंबर, 2016 में फ्लोरिडा में केप कैनावेरल से लॉन्च किया गया था. इस अंतरिक्ष यान का नाम OSIRIS-REx ओरिजिन, स्पेक्ट्रल इंटरप्रिटेशन, रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन, सिक्योरिटी, रेजोलिथ एक्सप्लोरर है.
• यह पृथ्वी के निकट के एस्टेरोइड का पहला नासा मिशन था और बेन्नु ऐसी सबसे छोटी वस्तु भी बन गया है जिसकी किसी अंतरिक्ष यान द्वारा परिक्रमा की गई है. 
• सबसे पहले OSIRIS-REx दिसंबर, 2018 में बेन्नु के नज़दीक आया था.
• इसके बाद, 20 अक्टूबर, 2020 को इस अंतरिक्ष यान ने ऐतिहासिक टच-एंड-गो सैंपल/ नमूना संग्रह किया.
• बेन्नु का अंतिम फ्लाईबाय (निकट से उड़ान) अप्रैल में सर्वेक्षण करने के लिए आयोजित किया गया था कि, कैसे OSIRIS-REx ने सैंपल संग्रह के दौरान इस एस्टेरोइड की सतह को अस्तव्यस्त और बदल दिया.

After nearly 5 years in space, @NASASolarSystem's #OSIRISREx mission is heading to Earth with a sample of rocks & dust from a 4.5-billion-year-old asteroid!

🪨 ▪️▪️▪️🛰️▪️▪️▪️ 🌎

Check out how its mission #ToBennuAndBack exceeded our expectations: https://t.co/91n38cmQNA pic.twitter.com/bxtT0uXeu3

— NASA (@NASA) May 10, 2021

इस मिशन का महत्त्व

• इन सैंपल्स का अध्ययन हमारे सौर मंडल के गठन और इतिहास के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाएगा और इसके साथ ही पृथ्वी जैसे रहने योग्य ग्रहों को विकसित करने में इन क्षुद्रग्रहों की भूमिका के बारे में भी अध्ययन किया जायेगा.
• वैज्ञानिकों का यह मानना है कि, बेन्नु जैसे एस्टेरोइड पृथ्वी के गठन के दौरान, शुरू-शुरू में ही पृथ्वी से टकरा गए थे, जिससे पृथ्वी पर पानी जैसे तत्व वितरित हो गए थे.

बेन्नु एस्टेरोइड

• बेन्नू अपोलो समूह में एक कार्बोनेशियस एस्टेरोइड है, जिसे 11 सितंबर, 1999 को LINEAR परियोजना द्वारा खोजा गया था.
• इसे संभावित खतरनाक वस्तु के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है, क्योंकि इसके द्वारा वर्ष, 2175 और वर्ष, 2199 के बीच पृथ्वी को प्रभावित करने का 2,700 में से 01 संचयी मौका है.
• इस एस्टेरोइड का नाम प्राचीन मिस्र के पौराणिक पक्षी - बेन्नु के नाम पर रखा गया है, जो सूर्य, सृष्टि और पुनर्जन्म से जुड़ा है.

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