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COVID-19 रोकने में 70 प्रतिशत प्रभावी है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का टीका, जानें विस्तार से

कोरोना वायरस (COVID-19) के लिए भारत में वैक्सीन बना रही फार्मा कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिल कर कोविड-19 की ऑक्सफोर्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने इसके कारगार होने को लेकर जानकारी दी है.

कंपनी ने कहा है कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाव करने में 70 प्रतिशत तक कारगार है. इससे पहले पिछले इस वैक्सीन के 2021 तक बाजार में आ जाने के बारे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने बताया था.

वैक्सीन की कीमत

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कोरोना वायरस की ऑक्सफोर्ड वैक्सीन स्वास्थ्य कर्मचारियों और बुजुर्गों के लिए अगले साल अप्रैल तक बाजार में आ सकती है. उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए इस वैक्सीन को उपलब्ध कराने के लिए कम से कम दो जरूरी डोज़ की कीमत 1,000 रुपये तक रखी जा सकती है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा ट्वीट

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'हमने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है. ऑक्सफोर्ड वैक्सीन 70.4 प्रतिशत प्रभावी है. दो डोज़ के रेजीमेन में दिखा है कि यह 90 फीसदी असरकारक है.

23,000 वॉलंटियर्स पर ट्रायल

ऑक्सफोर्ड ने कहा है कि इस वैक्सीन का 23,000 वॉलंटियर्स पर ट्रायल किया गया है और इसी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है और इसी के आधार पर तैयार हुए सेफ्टी डेटाबेस को ओपन समीक्षा के लिए पेश किया जाएगा. ऑक्सफोर्ड ने बताया है कि उन्हें जल्द से जल्द पब्लिकेशन के लिए सबमिट करने की योजना बना रहे हैं, ताकि इसके डेटा की समीक्षा की जा सके.

फाइजर और मॉडर्ना के टीके

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के टीके के (परीक्षण) नतीजे फाइजर और मॉडर्ना के टीकों से तुलना की गई जो हाल ही में क्रमश: 95 और 94.5 प्रतिशत प्रभावी नजर आए हैं. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का टीका अपेक्षाकृत सस्ता है और उसका भंडारण आसान है.

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