‘परमाणु टेक-2019’ सम्मेलन नई दिल्ली में संपन्न

विदेश मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) द्वारा 06 फरवरी 2019 को ‘परमाणु टेक 2019’ सम्मेलन में आयोजित किया गया. इस सम्मेलन में परमाणु ऊर्जा और विकिरण प्रौद्योगिकियों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया.

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायतें और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने परमाणु टेक 2019 में मुख्य भाषण भी दिया.

परमाणु ऊर्जा मंत्री का संबोधन

•    भारत ने इस प्रौद्योगिकी का उपयोग हमेशा से रचनात्मक उपयोग के लिए किया है कभी भी विनाशकारी उपयोग के लिए नहीं.

•    विद्युत के धीरे-धीरे हट रहे अन्य स्रोतों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा भविष्य में ऊर्जा का एक बड़ा और सस्ता स्रोत बनेगी.

•    पिछले पांच वर्षों के दौरान सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक उपलब्धि यह है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र हरियाणा के गोरखपुर सहित देश के अन्य हिस्सों में भी स्थापित हो रहे हैं.

•    भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एक विशिष्ट स्थान हासिल किया है

•    इस सम्मेलन का उद्देश्य सरकारी विभागों द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक अनुप्रयोगों का प्रदर्शन करना है.

परमाणु टेक 2019 के प्रमुख सत्र:


1.    स्वास्थ्य सुरक्षा: नाभिकीय औषधि तथा रेडिएशन थेरेपी – केयर टू क्योर

2.    भोजन संरक्षण, कृषि तथा औद्योगिक उपयोग: खेत से कारखाने तक, पर्यावरण के लिए जिम्मेदारी निभाते हुए काम करना. इस सत्र में अन्य विषय थे – बीजों की गुणवत्ता बढ़ाना, पानी साफ़ करने की तकनीक, शहरी कचरे का निपटान, समुद्री किनारों की सफाई और औद्योगिक इकाईयों के लिए मानदंड स्थापित करना.

3.    परमाणु उर्जा क्षेत्र में भारत की क्षमता का प्रदर्शन: उर्जा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखना. आगामी मार्च से इसके कार्यप्रणाली में शामिल विषय होंगे – जीसीएनईपी एवं भारत का परमाणु उर्जा कार्यक्रम.

 

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